28 नवंबर 1980 का दिन ईरानी नौसेना हमेशा याद रखे, वरिष्ठ नेता
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28 नवंबर 2017 को तेहरान में ईरानी नौसेना के कमान्डर व अधिकारी वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई से मुलाक़ात करते हुए
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने 7 आज़र को नौसेना के गर्व का दिवस बताया।
मंगलवार को इस्लामी गणतंत्र ईरान की नौसेना के कमान्डरों व अधिकारियों ने आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई से तेहरान में मुलाक़ात की। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता ने कहा कि 7 आज़र 1359 बराबर 28 नवंबर 1980 को इराक़ की बासी सेना के ख़िलाफ़ ईरानी नौसेना के साहसी अभियान से समुद्र में दुश्मन का क़ब्ज़ा ख़त्म हुआ।
उन्होंने 7 आज़र के अभियान को हमेशा याद रखने पर बल देते हुए कहा कि ईश्वर के मार्ग में शहादत घाटा नहीं फ़ायदा है और इमाम ख़ुमैनी के शब्दों में जो राष्ट्र शहादत देता है वह बंधुआ नहीं होता।
आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने नौसना की अहमियत की ओर इशारा करते हुए कहा कि नौसेना ईरान की रक्षा की अंग्रिम पंक्ति में है और मकरान, ओमान सागर और स्वतंत्र जलक्षेत्र उसके सामने है और विगत की तरह वह स्वतंत्र जलक्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए रखे।
वरिष्ठ नेता ने नौसेना की लड़ने और उपकरणों के इस्तेमाल की क्षमता बढ़ाने और इसी तरह कमियों को दूर करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों की सुविधाओं से लाभ उठाने पर बल देते हुए कहा कि नौसेना का विकास शुरु हो चुका है और आज वह पिछले 20 साल की तुलना में बहुत विकसित व क्षमतावान है लेकिन इसे और बढ़ाने की ज़रूरत है। (MAQ/N)