ट्रम्प की ग़लती ने मुसलमानों को और भी एकजुट कर दिया
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने बैतुल मुक़द्दस को ज़ायोनी शासन की राजधानी घोषित करके बैतुल मुक़द्दस और फ़िलिस्तीन के मामले में मुसलमानों को और भी एकजुट कर दिया है।
राष्ट्रपति रूहानी ने मंगलवार को सांस्कृतिक क्रान्ति सर्वोच्च परिषद की बैठक में कहा कि इलाक़े में आतंकवाद की समस्या की वजह से बैतुल मुक़द्दस किसी हद तक दूसरे दर्जे पर चला गया था मगर अब वह फिर पहला मुद्दा बन गया है।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि आज में ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीन की जनता के नए इंतेफ़ाज़ा आंदोलन का दृष्य देख रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने भी कहा कि अमरीका के इस फ़ैसले का ख़मियाज़ा अमरीका को भुगतना पड़ेगा और इस फ़ैसले से क्षेत्र में अशांति और अस्थिरता बढ़ेगी।
बहराम क़ासेमी ने अलआलम टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि ट्रम्प ने अपने फ़ैसले से साबित कर दिया कि इस देश के अधिकारियों को इलाक़े की परिस्थितियों की सही जानकारी नहीं है अतः वह अपनी पुरानी ग़लतियां दोहरा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह अरब जगत की कमज़ोरी का नतीजा है कि ट्रम्प ने इस फ़ैसले का दुस्साहस किया है।
बहराम क़ासेमी ने कहा कि क्षेत्र के कुछ देशों ने अपने हितों को अमरीका और ज़ायोनी शासन के हितों से जोड़ लिया है। उन्होंने कहा कि ईरान तो फ़िलिस्तीन की जनता का समर्थन करता रहेगा और इस्लामी प्रतिरोध मोर्चा ज़ायोनी शासन के सपने पूरे नहीं होने देगा।