ईरानी जनता ने इस्लामी व्यवस्था के समर्थन में निकाली विराट रैली
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आज ईरानी जनता ने अधिकांश नगरों में रैली निकाल कर शत्रुओं के षडयंत्रों और सार्वजनिक संपत्तियों को नष्ट करने वाले असमाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ अपनी घृणा व्यक्त की।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०३, २०१८ १७:३० Asia/Kolkata

आज ईरानी जनता ने अधिकांश नगरों में रैली निकाल कर शत्रुओं के षडयंत्रों और सार्वजनिक संपत्तियों को नष्ट करने वाले असमाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ अपनी घृणा व्यक्त की।

ईरान के कुछ शहरों में लोगों ने गुरूवार को देश की वित्तीय संस्था में जिन लोगों के पैसे डूबे हैं, उनकी स्थिति के निर्धारित न होने, इसी तरह कुछ वस्तुओं की बढ़ती क़ीमत और सरकार की ओर से कमज़ोर निगरानी के ख़िलाफ़ नारे लगाए थे।

इन प्रदर्शनों को कुछ असमाजिक तत्वों ने पूर्व योजना के तहत हिंसक रूप दे दिया और अवसरवादियों ने कई सरकारी केन्द्रों, बैंकों और सार्वजनिक स्थलों को नुक़सान पहुंचाया।

ईरानी जनता ने बुधवार को पश्चिमी ईरान के ईलाम प्रांत के दहलुरान शहर, दक्षिण-पश्चिमी ईरान के अहवाज़ और इज़े, पश्चिमोत्तरी ईरान के लुरिस्तान, हमेदान, और किरमानशाह, तेहरान के पश्चिम में स्थित अलबुर्ज़ प्रांत, इस्फ़हान और केन्द्रीय प्रांत सहित अधिकतर नगरों व प्रांतों में इस्लामी व्यवस्था के समर्थन में विशाल रैलियां निकालीं।

इसी प्रकार इन रैलियों में भाग लेने वाली जनता ने दुश्मनों के षडयंत्रों की भर्त्सना की और वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई के आज्ञापालन का संकल्प दोहराया।

रैलियों में शामिल जनता ने अमरीका मुर्दाबाद, इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगाए और कुछ शहरों में अशांति के ख़त्म होने की मांग की।

इसी प्रकार रैली में भाग लेने वालों ने देश के अधिकारियों से आर्थिक भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कड़ाई से कार्यवाही करने और जनता की आर्थिक समस्याओं के समाधान करने और विशेषकर बेरोज़गारी को ख़त्म करने के लिए गंभीर क़दम उठाने की मांग की।

हालिया उपद्रव की निंदा में गुरुवार और शुक्रवार को भी रैलियां निकलने का कार्यक्रम है।

दूसरी ओर ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति आयोग के सद्स्य मोहम्मद इब्राहीम रेज़ाई ने कहा है कि रैलियों के लिए जनता का निकल आना इस्लामी व्यवस्था की आकांक्षाओं, वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व और ईरानी राष्ट्र के गौरव की रक्षा को दर्शाता है।

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीति जायोनी शासन को मज़बूत करना और इस्लामी देशों का विभाजन एवं उन्हें कमज़ोर करना है परंतु ईरान की क्रांतिकारी जनता ने वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व का अनुपालन करके सदैव दुश्मनों के षडयंत्रों को विफल बनाया है।

इसी प्रकार उन्होंने ईरानी जनता की आर्थिक मांगों के सही होने पर बल दिया और कहा कि सरकार को लोगों की आर्थिक समस्या की चिंता है और वह गम्भीरता से लोगों की आर्थिक समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रही है। MM