ईरानी राष्ट्र अमरीकी करतूतों से अवगत हैः विदेशमंत्रालय
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान के कुछ क्षेत्रों में हुए उपद्रवों और दंगों पर अमरीकी प्रतिनिधि सभा के हस्तक्षेपपूर्ण प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमरीकी प्रतिनिधि सभा में हस्तक्षेपपूर्ण प्रस्ताव का पारित होना, अस्वीकार्य है।
अमरीकी कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने मंगलवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें कहा गया है कि हम ईरान में होने वाले हालिया उपद्रव का समर्थन करते हैं। प्रस्ताव के पक्ष में 415 वोट पड़े।
मंगलवार को पारित होने वाले इस प्रस्ताव में आया है कि प्रतिनिधि सभा के सदस्य सरकार को यह सलाह देते हैं कि वह लक्ष्यपूर्ण प्रतिबंधों का सहारा ले और ईरानी सरकार द्वारा नागरिकों के निरंतर अधिकारों के हनन की निंदा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार परिषद और सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाए और इस संबंध में कोई युक्ति अपनाए। इस प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि ईरान में गंभीर रूप से मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है।
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने बुधवार को अमरीकी प्रस्ताव की निंदा करते हुए प्रस्ताव को ना समझी तथा तर्क से दूर और दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के मामले में अंतर्राष्ट्रीय नियमों और क़ानूनों के विरुद्ध है। विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रस्ताव का पारित होना और ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अमरीकी सरकार की शत्रुतापूर्ण नीतियां और बयान, विफल राजनीति का भाग हैं।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रकार के प्रस्ताव घिसे पिटे, दिखावटी, राजनीति से प्रेरित और अमरीका की हस्तक्षेप करने वाली प्रवृत्ति की पुष्टि करने वाले हैं जिसको अतीत के दशकों के दौरान महान ईरानी राष्ट्र ने बारंबार देखा है। (AK)