नौसेना अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से मौजूद हैः हबीबुल्लाह सैय्यारी
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i56599-नौसेना_अंतरराष्ट्रीय_जल_क्षेत्रों_में_प्रभावी_ढंग_से_मौजूद_हैः_हबीबुल्लाह_सैय्यारी
ईरान ने फार्स की खाड़ी और ओमान सागर में जो सैन्य अभ्यास सोमवार से आरंभ किया  था वह बुधवार को एक पैरेड करके समाप्त हो गया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan २५, २०१८ १७:३२ Asia/Kolkata

ईरान ने फार्स की खाड़ी और ओमान सागर में जो सैन्य अभ्यास सोमवार से आरंभ किया  था वह बुधवार को एक पैरेड करके समाप्त हो गया।

इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में ईरान की थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने भाग लिया। "मोहम्मद रसूल्लल्लाह" नाम के इस सैन्य अभ्यास का एक भाग अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुआ और इस क्षेत्र में होने वाले सैन्य अभ्यास के दो संदेश थे। एक क्षेत्रीय देशों के लिए और दूसरा क्षेत्र से बाहर के देशों के लिए।

क्षेत्रीय देशों के लिए शांति व दोस्ती का संदेश था जबकि क्षेत्र से बाहर के देशों के लिए यह संदेश था कि इस्लामी गणतंत्र ईरान समुद्र और ऊर्जा स्थानांतरित करने के मार्ग में शांति व सुरक्षा स्थापित करने की पूर्ण क्षमता रखता है।

इसी प्रकार देश के भीतर इस सैन्य अभ्यास का एक आयाम देश के भीतर निर्मित वस्तुओं और ईरानी सेना की क्षमता का प्रदर्शन था। इसी प्रकार जो सैन्य अभ्यास किया गया इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य तीनों सेनाओं के मध्य समन्वय उत्पन्न करना था।

एडमिरल हबीबुल्लाह सैय्यारी ने कहा कि सैन्य अभ्यास के समस्त कार्यक्रम अच्छी तरह आयोजित हुए और उसने दर्शा दिया कि ईरान की नौसेना देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से उपस्थित है।

भौगोलिक दृष्टि से ईरान विश्व के महत्वपूर्ण व स्ट्रैटेजिक ऊर्जा क्षेत्र के केन्द्र में स्थित है और विश्व में ऊर्जा स्थानांतरित करने का महत्वपूर्ण हुरमुज़ स्ट्रेट भी फार्स की खाड़ी में स्थित है।

समुद्र की सुरक्षा को ईरान जो महत्व देता है उसका एक लक्ष्य उसके बहुत से हित समुद्री क्षेत्रों से जुड़े हैं। इसी प्रकार समुद्र में ईरान की जो प्रभावी उपस्थिति है वह क्षेत्र और विश्व के देशों के लिए भी रचनात्मक व महत्वपूर्ण है।

इसी संबंध में ईरानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बल देकर कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान अपने जल क्षेत्रों और उससे बाहर के क्षेत्रों में पूर्णरूप से शांति व सुरक्षा स्थापित कर सकता है।

बहरहाल ईरानी सैन्य अभ्यास ने क्षेत्र और विश्व को दर्शा दिया है कि वह जल क्षेत्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने में पूर्णरूप से सक्षम है। MM