सीरिया सरकार की सहमति के बिना विदेशी सैनिकों की उपस्थिति निंदनीयः रूहानी
ईरान का कहना है कि सीरिया सरकार की सहमति के बिना विदेशी सैनिकों की उपस्थिति का हम विरोध करते हैं।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि सीरिया सरकार की सहमति के बिना वहां पर विदेशी सैनिकों की उपस्थिति का हम विरोध करते हैं।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति पुतीन के साथ टेलिफोन वार्ता में कहा कि क्षेत्र के सभी देशों को सीरिया की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तरी सीरिया में तनाव किसी के भी हित में नहीं है। विलादिमीर पुतीन ने कहा कि उन्होंने कहा कि किसी भी देश के भीतर विदेशी सैनिकों की उपस्थिति या उस देश की सरकार की सहमति से हो या फिर संयुक्त राष्ट्रसंघ की अनुमति से। पुतीन ने कहा कि यदि एेसा नहीं है तो फिर यह किसी देश के आंतिरक मामलों में खुले हस्तक्षेप जैसा है।
इस टेलिफोन वार्ता में हसन रूहानी ने जेसीपीओए के बारे में कहा कि जब तक परमाणु समझौते के संबन्ध में सामने वाला पक्ष कटिबद्ध रहेगा उस समय तक हम भी इसके प्रति पूरी तरह से कटिबद्ध रहेंगे। टेलिफोन वार्ता में रूस के राष्ट्रपति ने परमाणु समझौते को बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि रूस का मानना है कि परमाणु समझौते को कमज़ोर करने का हर प्रयास बहुत ख़तरनाक होगा। उन्होंने कहा कि कुछ देशों की ओर से सीरिया में आतंकवादियों को सशस्त्र करने के प्रयास चिंता जनक हैं। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश में विदेशी सैनिकों की उपस्थिति, किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यह काम किसी स्वतंत्र देश के आंतरिक मामलों में खुले हस्तक्षेप के समान है।