फिलिस्तीन की स्वतंत्रता के लिए प्रयास करना सबकी ज़िम्मेदारी हैः वरिष्ठ नेता
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i57731-फिलिस्तीन_की_स्वतंत्रता_के_लिए_प्रयास_करना_सबकी_ज़िम्मेदारी_हैः_वरिष्ठ_नेता
इस समय समूचे मध्यपूर्व और इस्लामी क्षेत्रों को अमेरिका और जायोनी शासन के षडयंत्रों का सामना है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १३, २०१८ १६:२७ Asia/Kolkata

इस समय समूचे मध्यपूर्व और इस्लामी क्षेत्रों को अमेरिका और जायोनी शासन के षडयंत्रों का सामना है।

इस कांफ्रेन्स में इस्लामी जगत की दसियों हस्तियों ने भाग लिया। इस कांफ्रेन्स में भाग लेने वालों ने फिलिस्तीन की स्वतंत्रता के लिए राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यवाहियों को सुव्यवस्थित करने, इस्लामी प्रतिरोध को मज़बूत करने और तकफीरी व आतंकवादी गुटों से मुकाबले पर बल दिया।

बहुत ही ख़तरनाक षडयंत्र के अंतर्गत फिलिस्तीन का अतिग्रहण लगभग 70 साल पहले आरंभ हुआ था जो अब तक जारी है और जब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बैतुल मुकद्दस को जायोनी शासन की राजधानी घोषित किया है तब से फिलिस्तीनी अतिग्रहण नये चरण में प्रवेश कर गया है।

मध्यपूर्व मामलों के एक विशेषज्ञ सादल्लाह ज़ारेई कहते हैं" आज हम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो कुछ देख रहे हैं वह इस बात का सूचक है कि अमेरिका और उसके घटक जल्द से जल्द फिलिस्तीन संकट का अंत जायोनी शासन की इच्छाओं के अनुरुप कर देना चाहते हैं।

इस समय समूचे मध्यपूर्व और इस्लामी क्षेत्रों को अमेरिका और जायोनी शासन के षडयंत्रों का सामना है।

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस संवेदनशील समय में इस्लामी जगत की ज़िम्मेदारी अधिक हो गयी है और फिलिस्तीन मुद्दे को हाशिये पर डालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिये। ईरान की इस्लामी व्यवस्था के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने पवित्र रमज़ान महीने के अंतिम शुक्रवार को क़ुद्स दिवस घोषित करके फिलिस्तीन मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय रूप दे दिया और उन्होंने अपने इस कार्य से दर्शा दिया कि फिलिस्तीन इस्लामी जगत का पहला मुद्दा है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने भी फिलिस्तीन की स्वतंत्रता के लिए प्रयास किये जाने को सबका दायित्व बताया और बल देकर कहा कि यह नहीं सोचा जाना चाहिये कि जायोनी शासन का मुकाबला करने का कोई फायदा नहीं है बल्कि ईश्वर की कृपा से जायोनी शासन से मुकाबले का परिणाम निकलेगा जिस तरह प्रतिरोध ने पहले के वर्षों की अपेक्षा प्रगति की है। MM