आतंकी गुट की स्वीकारोक्तिः ईरान में हालिया उपद्रव में निभाई थी भूमिका
इस्लामी गणतंत्र ईरान में 18 हज़ार बेगुनाहों की हत्या करने वाले आतंकी संगठन एमकेओ की सरग़ना मरयम रजवी ने स्वीकार किया है कि ईरान में हालिया दिनों उपद्रव की घटनाओं में उसके तत्वों की भूमिका रही और यह कि ईरान में तख़्तापलट के लिए उसने अमरीका से आस लगा रखी है।
मरयम रजवी ने सऊदी अरब के ओकाज़ अख़बार को इंटरव्यू देते हुए कहा कि ईरान के कुछ शहरों में जो उपद्रव हुआ उसमें इस आतंकी गुट से जुड़े तत्वों की बड़ी भूमिका रही।
मरयम रजवी ने यह भी माना कि उपद्रव में सऊदी अरब की सरकार भी मदद कर रही थी। आतंकी सरग़ना का कहना था कि सऊदी नरेश शाह सलमान मानते हैं कि ईरान आतंकवाद का समर्थन कर रहा है। मरयम रजवी ने यूरोपीय देशों और अमरीका से कहा कि वह क्षेत्र के देशों में ईरान के हस्तक्षेप को रोकने की कोशिशों में सऊदी अरब का साथ दें।
इससे पहले ईरान की इस्लामी व्यवस्था की हित संरक्षक परिषद के सचिव मुहसिन रेज़ाई ने कहा था कि कुछ महीने पहले इराक़ी कुर्दिस्तान के शहर अरबील में सीआईए के ईरान विरोधी सेल के प्रमुख मिकाइल डी आंद्रे की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी जिसमें एमकेओ के तत्वों और इराक़ की बास पार्टी तथा सऊदी अरब के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में ईरान में उपद्रव फैलाने की योजना बनाई गई थी।
दिसम्बर 2017 में कुछ दिनों तक ईरान के कुछ शहरों में उपद्रव की घटनाएं हुईं जिसके बाद पूरे देश की जनता उपद्रवियों के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर पड़ी। नतीजे में उपद्रवियों तथा उनके समर्थकों की सारी योजनाएं नाकाम हो गईं।