अगर अमरीका ने परमाणु समझौता तोड़ा तो वह पछताएगाः रूहानी
ईरान के राष्ट्रपति ने परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर के बाद उसमें परिवर्तन के लिए अमरीका की कोशिशों को हास्यास्पद बताते हए कहा कि अमरीका, राजनीति को व्यापार समझने की ग़लती न करे और अगर उसने परमाणु समझौते को तोड़ा तो अमरीका और अमरीकी सरकार को पछताना पड़ेगा।
डाॅक्टर हसन रूहानी ने शनिवार को नई दिल्ली में भारत के ओआरएफ़ इंस्टीट्यूट के विद्वानों व शोधकर्ताओं से बात करते कहा कि अमरीका का सामना ईरान या परमाणु समझौते से नहीं बल्कि विश्व जनमत से है क्योंकि यह सात देशों का समझौता है जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की पुष्टि भी हासिल है। उन्होंने कहा कि इस्लामी व ईरानी संस्कृति के अनुसार जब तक कोई परमाणु समझौते का उल्लंघन न करे, तब तक ईरान भी उसका उल्लंघन नहीं करेगा।
डाॅक्टर रूहानी ने इस बात पर बल देते हुए कि संसार की बहुत सी समस्याएं ग़लत फ़हमी और ग़लत समीकरणों की वजह से सामने आती हैं, कहा कि वादों का पालन न करना और ग़लत समीकरण, ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका की शत्रुतापूर्ण नीतियों का एक कारण है। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि इंसान को हज़ारों बरस से आतंकवाद और हिंसा जैसी समस्याओं का सामना रहा है, कहा कि आतंकी गुट दाइश अमरीका के लिए अच्छा हथकंडा था और अगर ज़रूरत पड़ी तो इसकी वजह भी संसार के सामने बयान कर दी जाएगी। (HN)