देश की रक्षा शक्ति पर किसी से वार्ता नहीं होगीः कमालवंदी
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ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता ने देश की रक्षा शक्ति के बारे में किसी भी प्रकार की वार्ता की संभावना को रद्द करते हुए कहा कि अमरीक को मीज़ाइल कार्यक्रम के बारे में सुरक्षा परिषद में विफलता का मुंह देखना पड़ेगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar ११, २०१८ १४:०८ Asia/Kolkata
  • देश की रक्षा शक्ति पर किसी से वार्ता नहीं होगीः कमालवंदी

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता ने देश की रक्षा शक्ति के बारे में किसी भी प्रकार की वार्ता की संभावना को रद्द करते हुए कहा कि अमरीक को मीज़ाइल कार्यक्रम के बारे में सुरक्षा परिषद में विफलता का मुंह देखना पड़ेगा।

अपने एक साक्षात्कार में ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता का कहना था कि तेहरान अपनी रक्षा शक्ति के बारे में किसी भी स्थिति में और भी स्तर पर किसी  से भी वार्ता नहीं करेगा। 

इस सवाल के जवाब में कि ईरान की रक्षा शक्ति सहित विभिन्न विषयों के बारे में फ़्रांस किस सीमा तक यूरोप में एकता पैदा कर सकता है, बेहरूज़ कमालवंदी का कहना था कि फ़्रांस समझता है कि अमरीका का साथ देकर अपने हितों को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है किन्तु पूरे यूरोप की सोच एेसी नहीं है। 

उन्होंने कहा कि फ़्रांस को अच्छी तरह पता है कि जब ईरान के सामने हो तो फिर अमरीकी हित की लहर में बहना उनके लिए इतना आसान नहीं होगा। 

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि फ़्रांस दूसरे यूरोपीय देशों के मुक़ाबले में पश्चिमी एशिया और विशेषकर लेबनान और सीरिया में, विशेष प्रभाव रखता थाा अब उसे अपने प्रभाव में कमी का आभास हो रहा है और यही कारण है कि वह राजनैतिक मोल तोल का प्रयास कर रहा है।

इस सवाल के जवाब में कि मीज़ाइल कार्यक्रम के हवाले से जारी शोर शराबे के कारण ईरान के विरुद्ध नये प्रतिबंधों की कितनी संभावना पायी जाती है, बेहरूज़ कमालवंदी ने कहा कि अमरीकियों का मानना है कि मानवाधिकार और आतंकवाद जैसे पांच छह मामलों में से जिनका सहारा वह हमेशा लेते रहे हैं, इनमें ईरान का मीज़ाइल कार्यक्रम अधिक प्रभावी सिद्ध हो सकता है किन्तु न तो सुरक्षा परिषद में स्थिति पहले जैसी है और न ही परमाणु मामले की भांति मीज़ाइल कार्यक्रम अमरीकियों को सफलता दिला सकता है।

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव क्रमांक 2231के अनुच्छेद में कहा गया है कि वह परमाणु वार हेड्स ले जाने में सक्षम मीज़ाइल का परीक्षण न करेऔर ईरान भी बारंबार कह चुका है कि उसके तैयार मीज़ाइल परमाणु वार हेड्स ले जाने में सक्षम नहीं हैं। (AK)