सऊदी अरब के आरोपों पर ईरान का जवाब
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के राजदूत ने रियाज़ पर यमनी बलों के मीज़ाइल हमलों में ईरान की भूमिका के संबंध में सऊदी अरब के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि इसका लक्ष्य, यमन में आले सऊद के अपराधों की ओर से जनमत का ध्यान भटकाना है।
ग़ुलाम अली ख़ुशरू ने गुरुवार की रात संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव और सुरक्षा परिषद के प्रमुख को एक पत्र लिख कर यमन पर हमला करने वाले सऊदी अरब के अधीन गठजोड़ के प्रवक्ता के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह के आरोप अन्य देशों को धमकाने और उनके ख़िलाफ़ ताक़त के इस्तेमाल की धमकी देने पर प्रतिबंध के संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र के ख़िलाफ़ हैं। उन्होंने सऊदी अरब द्वारा यमन की घेराबंदी की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान की ओर से यमनी बलों को बैलिस्टिक मीज़ाइल देने का दावा पूरी तरह से निराधार है और सऊदी अधिकारियों की ओर से इस तरह के आरोपों का उद्देश्य यमन में अपने जघन्य अपराधों की ओर से जनमत का ध्यान हटाना है।
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के राजदूत ने इसी तरह सऊदी सरकार से मांग की कि वह यमन में अकाल का कारण बनने वाले सैन्य हस्तक्षेप जैसी क्षेत्र को अस्थिर करने वाली अपनी नीतियों को तत्काल बंद करे। ख़ुशरू ने विश्व समुदाय से भी मांग की कि वे आपराधिक कार्यवाहियों के लिए सऊदी अधिकारियों को उत्तरदायी समझे और यमन में संघर्ष विराम, मानवताप्रेमी सहायताएं पहुंचाने और इस देश में शांति व सुरक्षा लौटाने के लिए मार्ग खोजे और यमनी पक्षों के बीच बिना पूर्व शर्त के वार्ता का मार्ग समतल करे। (HN)