इमाम मूसा काज़िम (अ) का शहादत दिवस, पूरा ईरान शोक में डूबा
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आज इस्लामी गणतंत्र ईरान और इराक़ सहित दुनिया के विभिन्न देशों में पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र हज़रत इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम का शहादत दिवस पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Apr १२, २०१८ १०:२६ Asia/Kolkata
  • इमाम मूसा काज़िम (अ) का शहादत दिवस, पूरा ईरान शोक में डूबा

आज इस्लामी गणतंत्र ईरान और इराक़ सहित दुनिया के विभिन्न देशों में पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र हज़रत इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम का शहादत दिवस पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।

हज़रत इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम की शहादत के अवसर पर ईरान और इराक़ सहित दुनिया के अनेक देशों में श्रद्धालु हज़रत इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम की शहादत का पुरसा आठवें इमाम हज़रत इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम को पेश कर रहे हैं। 

इसी अवसर पर इस समय पवित्र नगर मशहद, क़ुम और इराक़ के काज़ेमैन शहर में लाखों श्रद्धालू मौजूद हैं जो मातम कर रहे हैं और नौहा पढ़ रहे हैं और दुख में आंसू बहा रहे हैं।

इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम को अत्याचार ख़लीफ़ा ने बहुत छोटी जेल में वर्षों बंद रखा और आपका अधिकतर जीवन जेल में ही व्यतीत हुआ। 

अब्बासी खलीफा हारुन ने जो कि नहीं चाहता था कि जनता इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम के ज्ञाान और उनकी शिक्षाओं से लाभ उठा सके 25 रजब 183 हिजरी कमरी को एक साजिश रच कर आपको कैदखाने में ज़हर देकर शहीद कर दिया शहादत के समय आपकी उम्र केवल 25 साल थी।

इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम, इस्लाम के  एक महान व्यक्तित्व और शियों के छठें इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम के बेटे थे जिन्होंने अपने पिता से शिक्षा और प्रशीक्षण प्राप्त किया।

इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम 35 साल तक मुसलमानों के इमाम रहे और इस दौरान अधिकतर क़ैदख़ानो में रहे जिससे पता चलता है कि उन के समय में अब्बासी शासकों का पैग़्मबरे इस्लाम के परिजनों के बारे में रवैया बहुत ही अत्याचारपूर्ण था लेकिन इसके बावजूद इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम ने सच्चाई और सत्य की ओर लोगों के मार्गदर्शन का क्रम जारी रखा।

इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम ने मुसलमानों को सामाजिक व राजनीतिक तौर पर जागरूक करने की कोशिश की और उन्हें अब्बासी शासकों के भ्रष्टाचार से अवगत कराया। वह बनी अब्बास के शासकों के कार्यों और उनके तरीक़े को इस्लाम के विरुद्ध समझते थे। (AK)

* पार्स टूडे अपने श्रोताओ और पाठको की सेवा में हज़रत इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम की शहादत के अवसर पर संवेदना प्रस्तुत करता है। *