जर्मनी में ईरानी कूटनयिक गिरफ़्तार, ईरान ने बताया साज़िश
इस्लामी गणतंत्र ईरान ने ईरानी कूटनयिक की गिरफ़्तारी को योरोप के साथ ईरान के साथ संबंध को ख़राब करने के लिए रची गयी साज़िश का हिस्सा बताया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने कहा कि एक योरोपीय देश में एक ग़ैर क़ानूनी कार्यवाही में ईरानी कूटनयिक के लिप्त होने की रची गयी साज़िश का लक्ष्य इस संवेदनशील चरण में ईरान-योरोप के संबंध को ख़राब करना है।
उन्होंने मंगलवार को कहाः आतंकवादी गुट एमकेओ अपने ईरान विरोधी व अमानवीय लक्ष्य की प्राप्ति में राजनैतिक समर्थन हासिल करने में हुयी नाकामी की भरपायी के लिए एक और साज़िश रचने की कोशिश में है ताकि ईरानी राष्ट्रपति के योरोप के दौरे को प्रभावित करे और इस संवेदनशील चरण में योरोपीय जनमत के निकट ईरान की स्थिति को ख़राब करे।
बहराम क़ासेमी ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान जैसा कि बारंबार कह चुका है, दुनिया के किसी भी क्षेत्र में किसी भी रूप में मौजूद हिंसा व आतंकवाद की भर्त्सना करता है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बल दिया कि ईरानी अधिकारी अपने कूटनयिक की गिरफ़्तारी के लिए रची गयी साज़िश का पर्दाफ़ाश करने के लिए सुबूत देने के लिए तय्यार हैं।
ग़ौरतलब है कि 30 जून को बेल्जियम में ईरानी मूल के एक बेल्जियन दंपति को इस देश की पुलिस ने फ़्रांस में एमकेओ के सम्मेलन में हमले का इरादा करने के इल्ज़ाम में गिरफ़्तार कर लिया। उसके बाद ऑस्ट्रिया में रह रहे एक ईरानी कूटनयिक को इस दंपति के साथ संपर्क में होने के इल्ज़ाम में जर्मन अधिकारियों ने गिरफ़्तार कर लिया। इसी तरह एक और व्यक्ति को इस संबंध में फ़्रांस में गिरफ़्तार किया गया है।
यह ऐसी हालत में है कि आतंकवादी गुट एमकेओ को अमरीका, ब्रिटेन और ज़ायोनी शासन का समर्थन हासिल है और ईरान में उसके अनेक आतंकवादी हमलों में लगभग 17000 लोग मारे जा चुके हैं। (MAQ/N)