ईरान के मीज़ाइल किसी भी देश के ख़िलाफ़ नहीं हैंः क़ासेमी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने फ़्रान्स के विदेश मंत्री के ईरान विरोधी दावे की प्रतिक्रिया में कहा है कि मीज़ाइल क्षेत्र में ईरान की गतिविधियां, प्रतिरोधक नीतियों का एक भाग हैं और देश की सुरक्षा व राष्ट्रीय हितों की रक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए हैं।
फ़्रान्स के विदेश मंत्री जाॅन इवे लोद्रियां ने शुक्रवार को अपने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि ईरान के मीज़ाइल केवल इस देश की प्रतिरक्षा के लिए नहीं हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि ईरान के मीज़ाइल किसी भी देश के ख़िलाफ़ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इराक़ द्वारा ईरान पर थोपे गए आठ वर्षीय युद्ध समेत पिछले दशकों के अपने अनुभवों के दृष्टिगत तेहरान यह सीख चुका है कि दुश्मनों के षड्यंत्रों को व्यवहारिक होने से रोकने के लिए अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी चाहिए।
उन्होंने ईरान को आतंकवाद की सबसे अधिक बलि चढ़ने वाले देशों में में से एक बताते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने आतंकवाद से संघर्ष को अपनी सैद्धांतिक नीतियों में शामिल कर रखा है और इसके सकारात्मक परिणाम क्षेत्र और संसार में देखे जा सकते हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने क्षेत्र की स्थिरता, सुरक्षा व आर्थिक विकास को ईरान के हित में बताया और कहा कि ईरान, क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व स्थिरता की स्थापना को अपने हित में समझता है और इसके लिए वह क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग करना चाहता है। उन्होंने कुछ पश्चिमी देशों की ओर से यमन पर हमले में सऊदी अरब के समर्थन की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन देशों ने यमन पर हमला करने वालों को हथियार दिए हैं और उनकी सामरिक मदद की है और ज़रूरी है कि वे अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करें। (HN)