क्षेत्र में उपस्थिति ईरान की रणनीति का भाग हैः वरिष्ठ नेता
वरिष्ठ नेता ने कहा है कि अमरीका के साथ वार्ता का कोई लाभ नहीं है।
आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने शनिवार को तेहरान में ईरान के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ भेंट में कहा कि क्षेत्रीय उपस्थिति, ईरान की शक्ति और उसकी सुरक्षा का भाग है। उन्होंने कहा कि यह देश की रणनीति का आधार है। वरिष्ठ नेता का कहना था कि यही कारण है कि शत्रु इसका खुलकर विरोध करते हैं।
वरिष्ठ नेता ने परमाणु क्षमता व उच्च स्तरीय संवर्धन के साथ ही क्षेत्र में ईरान की उपस्थिति के बारे में अमरीकी विरोध का कारण ईरान दुश्मनी बताया। उन्होंने कहा कि अमरीकी, ईरान में अपनी वैसी उपस्थिति के इच्छुक हैं जैसी इस्लामी क्रांति के से पहले के काल में उनकी थी। वरिष्ठ नेता ने कहा कि क्षेत्रीय द्विपक्षीय विशेषकर क्षेत्रीय संगठनों के साथ विस्तृत संपर्क को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि देश के बाहर ईरान का प्रतिनिधित्व करने वालों को देश और ईरानी राष्ट्र की क्षमताओं से पूर्ण रूप से अवग होना चाहिए।
उन्होंने विगत में पश्चिम के अत्याचारों की ओर संकेत करते हुए कहा कि पश्चिम, मानवाधिकारों के हनन का प्रतीक है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि विडंबना यह है कि मानवाधिकारों का हनन करने वाले बड़ी बेशर्मी से ईरान पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाते हैं।
आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने देश के अधिकारियों के मुंह से बारंबार इस बात की तकरार की ओर संकेत करते हुए कि अमरीका भरोसे योग्य नहीं है कहा कि मैं पहले से इस बिंदु की ओर संकेत करता आ रहा हूं कि अमरीकियों की बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ नेता ने कहा कि इसी आधार पर अमरीका के साथ वार्ता का कोई लाभ नहीं है।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि देश की क्षमताओं से लाभ उठाना एक महत्वपूर्ण बात है। उन्होंने कहा कि यूरोपियों के साथ वार्ता का क्रम जारी रहे किंतु हमें यूरोपियों के पैकेज की आशा में अपने प्रयास बंद नहीं करने चाहिए। वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमे देश के भीतर व्यापक स्तर पर काम करने चाहिए।