अमरीका 1953 की घटना फिर से दोहराने की सोच रहा है, ईरान
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यह आर्काइव की तस्वीर 19 अगस्त 1953 को ईरान की प्रजातांत्रिक तरीक़े से चुनी गयी सरकार के ख़िलाफ़ अमरीका व ब्रिटेन द्वारा समर्थित विद्रोह के दौरान दंगे की है
विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने मोसद्दिक़ सरकार के ख़िलाफ़ अमरीका समर्थित विद्रोह की ओर इशारा करते हुए कहा है कि वॉशिंग्टन आज भी ईरान पर अपना वर्चस्व जमाने की कोशिश में है लेकिन इस लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएगा।
ईरानी विदेश मंत्री का इशारा 19 अगस्त 1953 को ईरान की तत्कालीन मोसद्दिक़ सरकार के ख़िलाफ़ अमरीका द्वारा कराए गए सैन्य विद्रोह की ओर है।
उन्होंने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमरीका की ओर से गठित ऐक्शन टीम की आलोचना करते हुए कहा कि यह ईरान की सरकार को गिराने की एक और साज़िश है।
ईरानी विदेश मंत्री ने रविवार को अपने ट्वीट में कहाः "65 साल पहले आज के दिन अमरीका ने जनता द्वारा प्रजातांत्रिक तरीक़े से चुनी गयी डॉक्टर मुसद्दिक़ की सरकार को गिराया, तानाशाही को दुबारा क़ायम किया और अगले 25 साल तक ईरानियों का दमन किया। अब ऐक्शन ग्रुप दबाव, ग़लत सूचना और जनता को धोखे के ज़रिए फिर से वही दोहराने का सपना देख रहा है। अब ऐसा कभी नहीं होगा।"
अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि वह ईरान पर हर तरह का दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। (MAQ/N)