आतंकवाद का स्रोत कहां है?
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ट्रंप ने ऐसी स्थिति में ईरानी राष्ट्र को आतंकवादी कहकर संबोधित किया है जब गत चालिस वर्षों के दौरान स्वयं ईरानी राष्ट्र आतंकवाद की भेंट चढ़ा है वह भी ऐसा आतंकवाद जिसका स्रोत सऊदी अरब की वहाबी विचारधारा और उसका वित्तीय समर्थन है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Nov २२, २०१८ १९:३० Asia/Kolkata

ट्रंप ने ऐसी स्थिति में ईरानी राष्ट्र को आतंकवादी कहकर संबोधित किया है जब गत चालिस वर्षों के दौरान स्वयं ईरानी राष्ट्र आतंकवाद की भेंट चढ़ा है वह भी ऐसा आतंकवाद जिसका स्रोत सऊदी अरब की वहाबी विचारधारा और उसका वित्तीय समर्थन है।

ईरानी राष्ट्र के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति के अपमानजनक बयानों की प्रतिक्रिया में विदेशमंत्री ने बल देकर कहा है कि ईरानी राष्ट्र को तबाह करने पर आधारित अमेरिकी अतिवादियों की आकांक्षा कभी भी पूरी नहीं होगी।

मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपने ट्वीट हैंडल पर लिखा है कि ईरानी राष्ट्र को बार- बार आतंकवादी राष्ट्र कहना, समस्त लोगों के साथ शत्रुता को बयान करता है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब की तानाशाही सरकार के विरोधी व आलोचक सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी के संबंध में जारी की जाने वाली विज्ञप्ति में ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया था।

इसी प्रकार ट्रंप ने दावा किया कि अगर ईरान पर दृष्टि डाली जाये तो समझ में आ जायेगा कि वे यानी ईरानी इस समय एक आतंकवादी राष्ट्र हैं।

ईरानी राष्ट्र के खिलाफ अमेरिकी सरकार के ग़ैर कानूनी और अत्याचारपूर्ण पूर्ण प्रतिबंध ईरानी राष्ट्र के प्रति शत्रुता को बयान करता है।

उल्लेखनीय है कि ईरान की इस्लामी व्यवस्था को पिछले चालिस वर्षों से शत्रुओं के विभिन्न षडयंत्रों का सामना रहा है और उसने अमेरिका सहित शत्रुओं के समस्त षडयंत्रों को विफल बनाया है और चूंकि ईरानी जनता इस्लामी व्यवस्था की प्रबल समर्थक है इसलिए अमेरिकी राजनेता हर चीज़ से अधिक ईरानी जनता से क्रोधित हैं।

ट्रंप ने ऐसी स्थिति में ईरानी राष्ट्र को आतंकवादी कहकर संबोधित किया है जब गत चालिस वर्षों के दौरान स्वयं ईरानी राष्ट्र आतंकवाद की भेंट चढ़ा है वह भी ऐसा आतंकवाद जिसका स्रोत सऊदी अरब की वहाबी विचारधारा और उसका वित्तीय समर्थन है।

अमेरिकी सांसद एना एस्कमानी ने ईरान के खिलाफ ट्रप की विज्ञप्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएनएन के साथ साक्षात्कार में कहा कि अगर अमेरिका में जो आतंकवादी कार्यवाहियां हुई हैं और सऊदी अरब के इतिहास पर नज़र डाली जाये तो बड़ी सरलता से इस बात को समझा जा सकता है कि अमेरिका में होने वाली आतंकवादी कार्यवाहियों में सबसे अधिक भूमिका किस देश की रही है।

बहरहाल ट्रंप राजनेता से अधिक एक व्यापारी हैं और वह ईरानी राष्ट्र के इतिहास से अनभिज्ञ हैं और केवल सऊदी अरब के डालर को प्राप्त करने के लिए ईरान विरोधी बयान देते हैं जबकि उन्हें भली-भांति पता है कि क्षेत्र में अशांति फैलने और विश्व में आतंकवाद और आतंकवादी सोच के प्रचार- प्रसार का ज़िम्मेदार कौन है। MM