ईरान को आर्थिक दबाव से झुकाया नहीं जा सकता, शमखानी
इस्लामी गणतंत्र ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान , जेसीपीओए के उल्लंघन के लिए कभी भी पहले आगे नहीं बढ़ेगा , कहा कि अगर युरोप जेसीपीओए की सुरक्षा का क़ीमत अदा नहीं करना चाहता तो उसे यह जान लेना चाहिए कि ईरान अधिक इंतेज़ार नहीं करेगा।
डॅाक्टर अली शमखानी ने एक इन्टरव्यू में कहा कि युरोप को यह नहीं सोचना चाहिए कि ईरान, जेसीपीओए में प्रतिबद्धताओं के बदले प्राप्त होने वाली सुविधाओं को छोड़ देगा।
उन्होंने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति यह समझते हैं कि वह आर्थिक दबाव डाल कर ईरानी राष्ट्र पर अपनी आतार्किक इच्छा थोप सकते हैं लेकिन हक़ीक़त यह है कि इस समय अमरीका दुनिया के महत्व पूर्ण देशों को ईरान के खिलाफ अपने प्रतिबंधों में शामिल करने तक में नाकाम रहा है।
उन्होंने कहा कि अमरीका , जेसीपीओए की परीक्षा में फेल हो चुका है इस लिए किसी और मुद्दे पर उससे वार्ता का कोई लाभ नहीं है।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया की घटनाओं से यह पता चलता है कि इस्राईल में संकट बढ़ रहा है और ज़ायोनी शासन, अब प्रतिरोध मोर्चे के राकेटों के सामने अपनी कमज़ोरी को छुपा नहीं सकता ।
उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी देश में अपना प्रभाव नहीं बनाना चाहता किंतु इलाक़े की जनता मुसलमान है इस लिए क्षेत्र के संसाधनों पर उनका क़ब्ज़ा, क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सब से अधिक ज़रूरी है। (Q.A.)