ईरानी जनता, दुश्मन के दबाव को विफल बना देती हैः ज़रीफ़
विदेश मंत्री ने कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान किसी भी देश से लड़ने का इरादा नहीं रखता लेकिन वह पूरी शक्ति से अपनी रक्षा करेगा।
डाॅक्टर मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने इस्लामी गणतंत्र ईरान की चालीस वर्षीय विदेश नीति शीर्षक के अंतर्गत तेहरान में आयोजित होने वाली एक बैठक में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संपर्कों के लिए ईरान हमेशा तैयार है और वह किसी भी देश के लिए ख़तरनाक नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता, देश की शक्ति व सुरक्षा के मुख्य आधार के रूप में दुश्मन के दबावों को विफल बना देती है। ज़रीफ़ ने बल देकर कहा कि ईरान को न केवल यह कि अपनी रक्षा के लिए विदेशी समर्थन की कोई ज़रूरत नहीं है बल्कि वह विदेशी दबाव के बावजूद अपनी आंतरिक क्षमताओं पर भरोसा करके प्रगति व विकास तक पहुंचा है।
इस बैठक में ईरान की विदेशी संबंधों की रणनैतिक परिषद के प्रमुख डाॅक्टर कमाल ख़र्राज़ी ने भी कहा कि चालीस साल से जारी दुश्मनी और प्रतिबंध के बावजूद ईरान क्षेत्र का सबसे स्थिर व स्वाधीन देश है क्योंकि वह किसी के भी अधीन नहीं है और कोई भी उस पर अपनी इच्छाएं नहीं थोप सकता। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि अमरीका विभिन्न देशों से पैसे एंठता है जिसका एक उदाहरण सऊदी अरब है। वाॅशिंग्टन सऊदी अरब के समर्थन के नाम पर उससे पैसे एंठता रहता है और सऊदी शासन के पास उसके सामने झुकने के अलावा और कोई मार्ग नहीं है। (HN)