ईरान ने की यमन युद्ध की समाप्ति की मांग
ईरान ने यमन में सऊदी आक्रामकता के चार वर्ष पूरे हो जाने के मौक़े पर अमेरिका समर्थित सऊदी गठबंधन द्वारा इस ग़रीब इस्लामी देश पर किए जा रहे पाश्विक हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए यमन युद्ध की तत्काल समाप्ति की मांग की है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्रालय ने यमन युद्ध के चार वर्ष पूरे होने और पांचवे साल में प्रवेश करने पर एक बयान जारी करके कहा है कि, यमन युद्ध से इस निर्धन और ग़रीब मुस्लिम देश पर आक्रमण करने वालों को न केवल कोई सफलता प्राप्त हुई है बल्कि इस रक्तपात के कारण आज यमन की 2 करोड़ 40 लाख जनता को तुरंत मानवीय सहायता की आवश्यकता है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में आया है कि यमन में 1 करोड़ 50 लाख लोग भीषण भुखमरी का शिकार हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस समय यमन के लाखों मासूम बच्चे भी अकाल का सामना कर रहे हैं जिसका मुख्य कारण चार वर्षों से इस देश पर सऊदी अरब और उसके सहयोगियों द्वारा लगातार बम बरसाया जाना है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान, स्टॉकहोम में यमनी पक्षों के बीच हाल के दिनों में हुई शांति वार्ता में तय पाने वाले फ़ैसलों का समर्थन करता है और यमन में जारी मानवीय संकट को ख़त्म करने के लिए इन फ़ैसलों पर त्वरित कार्यान्वयन की मांग भी करता है। यमन पर जारी आक्रामकता के कारण ही इस देश को गंभीर मानवीय संकट का सामना है, जबकि सऊदी अरब, यमन में उत्पन्न हुई मानव त्रासदी का मुख्य अपराधी है।
उल्लेखनीय है कि ईरान द्वारा पेश की गई चार सूत्री शांति योजना यमन संकट को समाप्त करने का दीर्घकालिक और विश्वसनीय तरीक़ा है। इस्लामी गणतंत्र ईरान ने वर्ष 2015 में यमन संकट के समाधान के लिए शांति योजना का प्रस्ताव दिया था, जिसमें शांति योजना में संघर्ष विराम के कार्यान्वयन और आक्रामकता को त्वरित बंद किया जाना, मानवीय सहानुभूति के अंतर्गत यमन को तुरंत राहत सामग्री की आपूर्ति, सभी यमनी पक्षों के बीच राष्ट्रीय वार्ता और साझा सरकार बनान, शामिल है। (RZ)