संसार को विगत से पाठ अवश्य लेना चाहिएः ज़रीफ़
जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन को शून्य तक पहुंचाने की ज़िद के कारण ही पैरिस समझौता निरस्त हो गया था।
ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने बल देकर कहा है कि संसार को विगत की घटनाओं से अवश्य पाठ लेना चाहिए।
जवाद ज़रीफ़ ने ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि ईरान के यूरेनियम संवर्धन को शून्य तक पहुंचाने की ज़िद से ही पैरिस समझौता भंग हुआ था। ईरान के विदेशमंत्री ने लिखा कि अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जाॅन बोल्टन तथा ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतनयाहू की ओर से ईरान के यूरेनियम संवर्धन को शून्य तक पहुंचाने की ज़िद के कारण ही सन 2005 में वह पैरिस समझौता भंग हो गया जो ईरान तथा तीन यूरोपीय देशों के बीच हुआ था।
जवाद ज़रीफ़ ने आगे लिखा कि इसका परिणाम यह निकला कि दृष्टिगत इस्लामी गणतंत्र ईरान ने सन 2012 तक यूरेनियम के संवर्धन को 100 प्रतिशत कर दिया था। विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने लिखा है कि टीम-बी अब परमाणु समझौते या जेसीपीओए को निरस्त कराने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प पर दबाव बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि विगत की घटना से टीम-बी ने तो कोई पाठ नहीं लिया किंतु संसार को तो कम से कम इससे पाठ लेना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले जवाद ज़रीफ़ कह चुके हैं कि अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जाॅन बोल्टन, ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतनयाहू, सऊदी युवराज मुहम्मद बिन सलमान और अबूधाबी के युवराज मुहम्मद बिन ज़ाएद पर आधारित गुट का प्रयास है कि मध्यपूर्व क्षेत्र में सैन्य झड़प करवाई जाए।