यूरोपीय देशों को ईरान के बजाये अमेरिका पर दबाव डालना चाहियेः जहांगीरी
उपराष्ट्रपति ने कहा है कि परमाणु समझौते के कारण ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिये।
उपराष्ट्रपति ने कहा है कि यूरोपीय देशों को ईरान पर दबाव डालने के बजाये अमेरिका पर दबाव डालना चाहिये ताकि वह ईरान से अत्याचारपूर्ण प्रतिबंधों को समाप्त कर दे। इस्हाक़ जहांगीरी ने कहा कि परमाणु समझौते के कारण ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिये।
उन्होंने यूरोपीय देशों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आप परमाणु समझौते को सुरक्षित रखना चाहते हैं कि तो इस अंतरराष्ट्रीय समझौते में जो आपके वचन हैं उन पर अमल करना चाहिये।
ईरान के उपराष्ट्रपति ने इसी प्रकार कहा कि अमेरिका ने अनैतिक कार्य अंजाम दिया है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ वह इस समझौते से निकल गया जबकि ईरान ने एक वर्ष तक धैर्य से काम लिया और परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी IAEA ने इस अवधि में इस बात की घोषणा की है कि ईरान ने परमाणु समझौते में अपने समस्त वचनों पर अमल किया है परंतु परमाणु समझौते के दूसरे पक्षों विशेषकर तीन यूरोपीय देशों ने कुछ नहीं किया और ईरान अपनी परमाणु प्रतिबद्धताओं को कम करने पर बाध्य हो गया।
ईरान ने यूरोपीय देशों को अपने वचनों पर अमल करने के लिए 60 दिन का समय दिया था परंतु यह अवधि बीत गयी जिसके बाद ईरान ने अपनी परमाणु प्रतिबद्धता कर दी है और अब उसने 3.67 प्रतिशत से अधिक यूरेनियम का संवर्द्धन आरंभ कर दिया है।
इसी प्रकार ईरान ने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने परमाणु समझौते में अपने वचनों पर अमल नहीं किया तो वह तीसरा कदम और मज़बूत उठायेगा। MM