ईरानी राष्ट्र अमरीकी दबाव के सामने कभी नहीं झुकेगाः रूहानी
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी का कहना है कि दुनिया की समझ में आ गया है कि महान ईरानी राष्ट्र, अपने मज़बूत इरादों से अमरीकी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है।
राष्ट्रपति डाक्ट हसन रूहानी ने गुरुवार को पूर्वी आज़रबाइजान की प्रांतीय परिषद की बैठक में परमाणु समझौते से अमरीका के ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से निकलने और ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध बढ़ाने की ओर संकेत करते हुए कहा कि परमाणु समझौता यदि अगले साल तक बाक़ी रहा तो ईरान के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र संघ के हथियारों के सारे प्रतिबंध पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि परमाणु समझौता जेसीपीओए राजनैतिक और क़ानूनी दृष्टि से ईरान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस अंतर्राष्ट्रीय सहमति के आधार पर ईरान के यूरेनियम संवर्धन के हक़ को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि वे लोग जो ईरान के विरुद्ध हैं विशेषकर ज़ायोनी, सऊदी अरब और कट्टरपंथी अमरीकी, परमाणु समझौते को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और उन्होंने खुलकर अपना विरोध दिखा दिया है और कहा है कि यह समझौता सौ प्रतिशत ईरान के हित में है।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि यदि ईरान परमाणु समझौते में अपने हितों से लाभ नहीं उठा पाएगा और परमाणु समझौते में बाक़ी बचे पक्ष अपने वचनों पर अमल नहीं करते तो तेहरान में धीरे धीरे अपने वचनों को कम करेगा और दुनिया पर यह सिद्ध कर देगा कि ईरान के पास बहुत अधिक उपाय है। (AK)