ज़रीफ़ का चीन का दौरा, दोनों देशों के सहयोग का उज्जवल भविष्य
विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत बनाने और क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मामलों की समीक्षा के लिए चीन के दौरे पर पहुंच गए हैं।
ईरान व चीन के सहयोग व संबंधों को विस्तृत करने के बारे में बातचीत और क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय हालात के बारे में विचार-विमर्श ईरानी विदेश मंत्री की चीन यात्रा के एजेंडे में शामिल है। जहां विभिन्न आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक व वैज्ञानिक क्षेत्रों में ईरान व चीन के बीच अच्छा सहयोग है, वहीं अन्य देशों के आंतरिक मामलों में अमरीका के हस्तक्षेप व एकपक्षवाद से मुक़ाबले के मैदान में दोनों देश एकमत हैं। इसी तरह वे संकटों के समाधान के लिए सार्वजनिक सहयोग और समरसता पर भी बल देते हैं। ईरान व चीन के बीच कूटनैतिक संबंधों की स्थापना की पचासवीं वर्षगांठ के अवसर पर दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग की अहमियत पश्चिमी एशिया के क्षेत्र में ईरान व चीन के संबंधों के प्रभाव के मद्देनज़र दोनों देशों के संबंधों को और अधिक गहरा बनाने की राह में ईरानी विदेश मंत्री के बीजिंग के दौरे का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
ऐसी हालत में कि जब अमरीका अधिकतम दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों के माध्यम से ईरान के लिए परिस्थितियों को असहनीय बना देना चाहता है, चीन, ईरान का एक भरोसेमंद घटक है और उसने तेहरान के साथ अपने आर्थिक व व्यापारिक सहयोग को जारी रखा है। तेहरान व बीजिंग के अच्छे संबंधों के जारी रहने और दोनों देशों के कूटनैतिक संबंधों के पचास साल पूरे होने के दृष्टिगत ईरान व चीन अपने रणनैतिक सहयोग को विस्तृत करने का संकल्प रखते हैं। यह संकल्प दोनों देशों के बीच होने वाले सहयोग के 25 वर्षीय रणनैतिक दस्तावेज़ में देखा जा सकता है। ईरान तेल, गैस, पर्यटन, वाहन उद्योग समेत विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी संभावनाएं रखता है और दोनों देश सटीक कार्यक्रम बना कर अनेक संयुक्त हित हासिल कर सकते हैं। (HN)
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