ईरान-चीन 25 वर्षीय समझौता, अमरीका की हार की निशानी है
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यमन की सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के एक सदस्य का कहना है कि ईरान और चीन के बीच 25 वर्षीय व्यापक साझेदारी के समझौते का मतलब, अमरीका की हार है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Mar २८, २०२१ १२:२० Asia/Kolkata
  • ईरान-चीन 25 वर्षीय समझौता, अमरीका की हार की निशानी है

यमन की सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के एक सदस्य का कहना है कि ईरान और चीन के बीच 25 वर्षीय व्यापक साझेदारी के समझौते का मतलब, अमरीका की हार है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, यमन की सर्वोच्च राजनीतिक परिषद के सदस्य मोहम्मद अली अल-हौसी ने ईरान-चीन 25 वर्षीय व्यापक साझेदारी के समझौते पर हस्ताक्षर को वाशिंगटन के ख़िलाफ़ तेहरान की महत्वपूर्ण जीत क़रार दिया।

उन्होंने कहा कि यह समझौता अमरीका की राजनीतिक और आर्थिक नीतियों की पराजय की निशानी है।

अल-हौसी का कहना था कि यह नया समझौता, ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका की आर्थिक घेराबंदी को तोड़ देगा।

ग़ौरतलब है कि शनिवार को तेहरान में ईरान और चीन के विदेश मंत्रियों ने 25 वर्षीय व्यापक साझेदारी के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

इस समझौते को विश्व में अमरीका और यूरोप के वर्चस्व की समाप्ति के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। msm

 

 

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