इलाक़े में शांति के लिए ईरान से वार्ता ज़रूरी हैः क़तर
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i99588-इलाक़े_में_शांति_के_लिए_ईरान_से_वार्ता_ज़रूरी_हैः_क़तर
क़तर के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा है कि दोहा, इलाक़े की हर ताक़त के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार है और क्षेत्र में शांतिपूर्ण सहजीवन के लिए ईरान से वार्ता ज़रूरी है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Jun ०१, २०२१ १८:३३ Asia/Kolkata
  • इलाक़े में शांति के लिए ईरान से वार्ता ज़रूरी हैः क़तर

क़तर के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा है कि दोहा, इलाक़े की हर ताक़त के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार है और क्षेत्र में शांतिपूर्ण सहजीवन के लिए ईरान से वार्ता ज़रूरी है।

लूलुआ अल-ख़ातिर ने मंगलवार को स्पूतनिक समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि जब भी क़तर से मध्यस्थता के लिए निवेदन किया जाएगा, दोहा, विश्व शांति व स्थिरता के लिए मध्यस्थता की अहमियत के मद्देनज़र, क़दम आगे बढ़ाएगा। उन्होंने ईरान व सऊदी अरब के बीच बातचीत की मेज़बानी की संभावना के बारे में कहा कि अभी इस तरह की कोई बात नहीं हुई है लेकिन हम इसका स्वागत करेंगे क्योंकि हमने कई बार कहा है कि इलाक़े में शांतिपूर्ण सहजीवन की प्राप्ति के लिए ईरान से वार्ता ज़रूरी है और इससे फ़ार्स की खाड़ी के तटवर्ती अरब देशों में पाई जाने वाली चिंता कम होगी।

क़तर के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने ज़ायोनी शासन के साथ संबंध बहाली के बारे में कहा कि दोहा का मानना है कि इस समय इससे इस्राईल व फ़िलिस्तीन के बीच शांति प्रक्रिया में कोई मदद नहीं मिलेगी । लूलुआ अल-ख़ातिर ने कहा कि हम सभी विश्व शक्तियों से अपील करते हैं कि वे तेल अवीव के निरंकुश समर्थन पर पुनर्विचार करें, चाहे वह आर्थिक मदद हो या राजनैतिक समर्थन हो।

याद रहे कि सन 2020 में अरब देशों पर इस्राईल से संबंध स्थापित करने के अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के दबाव के चलते यूएई, बहरैन, सूडान और मोरोको ने औपचारिक रूप से ज़ायोनी शासन से कूटनैतिक संबंध स्थापित कर लिए थे। इस्लामी जगत में इस पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी। (HN)

 

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए