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वीडियो रिपोर्टः आतंकी इस्राईली सैनिकों ने चार वर्षीय फ़िलिस्तीन बच्ची पर बरसाई 32 गोलियां, मां के सामने रोक़य्या का शरीर हुआ छलनी
Jan २७, २०२४ १५:३५रोक़य्या एक ऐसी चार वर्षीय मासूम बच्ची कि जिसके पास न तो कोई हथियार था और न ही वह संघर्षकर्ता थी, अभी तो उसने दुनिया ही नहीं देखी थी, उससे पहले ही आतंकी इस्राईली सैनिकों ने उसे गोलियों से भून डाला, उस मासूम का शरीर गोलियों से पूरी तरह छलनी हो गया ... मासूम रोक़य्या की मां का कहना है कि हम रोक़य्या के चाचा के घर जा रहे थे, चेक पोस्ट पर पहुंचे तो आतंकी इस्राईली सैनिकों ने हमारी तलाशी ली, हमारे पहचान पत्र की जांच की, सारे दस्तावेज़ पूरी तरह सही थे, सब समान्य रूप से चल रहा था कि अचानक ...
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इस्राईल को लगा बड़ा झटका, ज़ायोनी शासन पर चलेगा ग़ज़्ज़ा में नरसंहार का मुक़दमा: अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
Jan २६, २०२४ १५:४६अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने ग़ज़्ज़ा नरसंहार मामले को निलंबित करने के इस्राईल के अनुरोध को खारिज कर दिया और कहा कि आईसीजी में ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ नरसंहार मामले का ज़रूर चलेगा।
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ग़ज़्ज़ा में मिली 120 सामूहिक क़ब्रें, सामने आई रिपोर्ट ने इस्राईली आतंकवाद को किया बेनक़ाब
Jan २६, २०२४ १४:१६मानवाधिकारों के यूरोपीय पर्यवेक्षकों ने ग़ज़्ज़ा में 120 सामूहिक क़ब्रों का ख़ुलासा किया है। इस रिपोर्ट ने दुनिया के सामने इस्राईली आतंकवाद के असली चेहरे को बेनक़ाब कर दिया है।
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ग़ज़्ज़ा में शर्मनाक तरीक़े से ज़ायोनी शासन पराजित हो चुका हैः इमाम जुमा तेहरान
Jan २६, २०२४ १३:५४तेहरान के इमामे जुमा का कहना है कि अवैध आतंकी इस्राईली शासन ग़ज़्ज़ा पट्टी में शर्मनाक तरीक़े से पराजित हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह साफ़ है कि वह तीन महीने से ज़्यादा समय से बेगुनाह फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है लेकिन आज तक वह अपने किसी भी एक लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रहा है।
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यूरोपीय संसद ने पारति किया ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम का प्रस्ताव
Jan १९, २०२४ १०:५१यूरोपीय संसद ने पहली बार ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम और संकट का समाधान खोजने के लिए राजनीतिक प्रयास शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
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इस्राईली हमलों और उसके द्वारा अपमान पर मिस्र की चुप्पी कब तक? ग़ज़्ज़ा की तस्वीरें देखने के बाद अरब शासकों के कैसे रातों में आ रही है नींद?
Jan १४, २०२४ १३:५१अरब जगत के जाने-माने पत्रकार अब्दुल बारी अतवान ने अपने एक लेख के ज़रिए यह सवाल पूछा है कि अवैध आतंकी इस्राईली शासन के पाश्विक हमलों और उसके द्वारा अपमान पर मिस्र कब तक चुप रहेगा?
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ग़ज़्ज़ा में दम तोड़ती मानवता, आतंकी इस्राईल के हमलों में शहीद होने वालों की संख्या 23,469 पहुंची
Jan १२, २०२४ १०:४५इस आधुनिक दुनिया में जिस प्रकार ग़ज़्ज़ा में हर पल मानवता अपना दम तोड़ रही है वह इस ज़मीन पर रहने वाले हर इंसान को शर्मसार करने वाली बात है। फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में कम से कम 112 फ़िलिस्तीनी शहीद हुए हैं, जिससे अवैध आतंकी इस्राईली शासन द्वारा किए जाने वाले पाश्विक हमलों में शहीद होने वालों की कुल संख्या बढ़कर 23,469 हो गई है।
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आख़िरकार जिस बात का डर था वही होने लगा, पश्चिमी एशिया में एक और युद्ध ने दी दस्तक, यमन पर ब्रिटेन और अमेरिका का हमला, ईरान ने दी प्रतिक्रिया
Jan १२, २०२४ १०:२८इस्लामी गणराज्य ईरान ग़ज़्ज़ा में अवैध आतंकी शासन इस्राईल द्वारा किए जाने वाले पाश्विक हमलों को लेकर लगातार जिस चीज़ की चेतावनी दे रहा था आख़िरकार वह सच होती दिखाई दे रही है। बता दें कि तेहरान ने बारमबार यह बात कही थी कि ग़ज़्ज़ा युद्ध में जिस प्रकार अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा अवैध ज़ायोनी शासन का समर्थन किया जा रहा है वह हालात और ख़राब करेंगे और ग़ज़्ज़ा युद्ध की आग पूरे क्षेत्र तक फैलने का कारण बन सकता है।
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वीडियो रिपोर्टः क्या अमेरिका और ब्रिटेन के हाथों की कठपुतली बना चुका सुरक्षा परिषद? इंसानों से ज़्यादा जहाज़ों को बचाने की चिंता!
Jan १२, २०२४ ०९:५३ऐसी स्थिति में कि जब पिछले 90 दिनों में जहां अमेरिका ने ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम और ज़ायोनी शासन के पाश्विक हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा परिषद में किसी भी प्रस्ताव को मंज़ूर नहीं होने दिया, वहीं सुरक्षा परिषद की एक बैठक में लाल सागर में ज़ायोनी शासन से संबंधित जहाज़ों पर यमनी सेना के हमलों को तुरंत रोकने के ख़ुद द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को मंज़ूर करा लिया। हालांकि इस प्रस्ताव के पारित होने से पहले रूस ने प्रस्ताव के मसौदे में तीन संशोधनों का सुझाव रखा, जिसका उद्देशय यह था कि लाल सागर में ...
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हेग की अदालत अमेरिका के दबाव के आगे न झुके, वॉशिंग्टन ने अपनी बची-खुची इज़्ज़त भी तेलअवीव के चरणों में डाल दी हैः नासिर कनआनी
Jan १२, २०२४ ०९:११इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय हेग अदालत को फ़िलिस्तीन मामले में अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए।