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पाकिस्तान के एटमी धमाके और उससे जुड़ी यादगार तसवीर की कहानी
Jun ०२, २०२१ १६:०९मैं मई 1998 में प्रधानमंत्री का स्टाफ़ आफ़ीसर था और देश में शांति सुरक्षा और संगीन अपराधों के मामलों को देखना और प्रधानमंत्री को ब्रीफ़ करना मेरी ज़िम्मेदारी थी।
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क्या सत्ता से बेदख़ल होने के डर से ईरान पर हमला कर सकते हैं नेतनयाहू? यह अटकलें सही हैं कि नेतनयाहू पर अंकुश लगाने के लिए बाइडन ने इस्राईली युद्ध मंत्री को तलब किया?
Jun ०२, २०२१ १५:३३इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू की हालत अक़ल डाढ़ जैसी हो गई है जिन्हें सत्ता से उखाड़ फेंकने की स्थिति में थोड़ा ख़ून निकलना तय है। यह व्यक्ति सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी करने को तैयार है ताकि अपमानित होकर जेल जाने से बच जाए।
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इस्राईल का स्वभाव समझना है तो यह लेख ज़रूर पढ़िए!
Jun ०१, २०२१ १२:२९पांच जुलाई 2019 को इस्राईल के अख़बार हाआरेट्ज़ में एक शोध रिपोर्ट प्रकाशित हुईः "एन क़बा का दफ़्न इस्राईल कैसे योजनाबद्ध रूप से 1948 में अरब आबादी को विस्थापित किए जाने के सुबूत मिटा रहा है"
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मुख्यमंत्री ने आठ आने की पेंसल जेब से निकाली और लिखा कि मेरे पास कोई संपत्ति नहीं!
May ३१, २०२१ १३:०२माणिक सरकार चार बार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रहे, मुसलसल और लगातार। जब वह 1998 में पहली बार मुख्य मंत्री बने तो स्टाफ़ ने उनके सामने एक काग़ज़ रखा।
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हिज़्बुल्लाह के सैयद हसन नसरुल्लाह और हमास के सिनवार इस्राईलियों के लिए बन गए हैं डरावना सपना! ग़ज़्ज़ा की विजय की पहली भेंट चढ़ेंगे नेतनयाहू!
May ३०, २०२१ १५:२७चलिए अमरीकी विदेश मंत्री एंटोनियो ब्लिंकन की यात्रा की बात किनारे रखते हैं और दो बयानों पर अपना ध्यान केन्द्रित करते हैं जो राजनैतिक और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे भविष्य के युद्ध का प्रारूप समझ में आ सकता है।
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पता नहीं क्यों आज कल भारतीय प्रधानमंत्री का एक बयान बहुत याद आ रहा हैः "लोग कहते हैं यह तो मोदी का नसीब है, इसमें बुरा क्या है? "
May ३०, २०२१ १४:३८भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक बयान इन दिनों बहुत याद आ रहा है। यह बयान 1 फ़रवरी 2015 का है। भारतीय पीएम ने उस समय अंतर्राष्ट्रीय तेल मंडियों में कच्चे तेल की क़ीमतों में आने वाली भारी गिरावट के बाद विपक्ष पर तंज़ करते हुए कहा था कि मेरी सरकार बनते ही, देश में पेट्रोल-डीजल के दाम गिर गए. लोग कहते हैं यह तो मोदी का नसीब है, इसमें बुरा क्या है?
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क्या होगा अगर दुबई और अबू धाबी पर बरसने लगे यमनियों के मिसाइल? यमन के स्ट्रैटेजिक आइलैंड में इमारात ने क्यों बनाई हवाई छावनी? विस्फोटक हो चले हैं हालात! क्या है इस्राईल का कनेक्शन?
May २९, २०२१ १४:४९लाल सागर में बाबुल मंदब स्ट्रेट का स्ट्रैटेजिक इलाक़ा भयानक सैनिक टकराव का मैदान बन सकता है जिसमें इमारात और यमन के बीच बड़ी लड़ाई छिड़ सकती है।
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भाजपा के जनाधार के भीतर से उठने लगी विरोध की आवाज़ः कोरोना के मामले में मोदी की संवेदनहीनता को माफ़ नहीं करेंगे!
May २७, २०२१ १५:५७गत 29 अप्रैल को आरएसएस के एक सदस्य अमित जयसवाल की मथुरा में मौत हो गई। 42 साल के जयसवाल कोरोना पाज़िटिव पाए जाने के कुछ ही दिनों के भीतर ज़िंदगी की लड़ाई हार गए।
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क्या इस्राईल हमास के जाल में फंस गया? इस्राईली अख़बार जेरुज़्लम पोस्ट का विशलेषण
May २६, २०२१ १४:०८ग़ज़्ज़ा की जंग से दो महीने पहले इस्राईल के लिए हालात बहुत अच्छे हो गए थे। अमरीका की नई सरकार मानवाधिकारों की स्थिति बेहतर करने में दिलचस्पी ले रही थी, अब्राहम शांति समझौते भी सही दिशा में आगे जा रहे थे और मध्यपूर्व में नए युग की शुरुआत के लक्षण दिखाई देने लगे थे। इस्राईल में कोरोना वायरस का वैक्सीनेशन पूरा कर लिया गया था।
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वेस्ट बैंक के ईसाइयों में भी हमास के लिए ज़ोरदार समर्थन...हालिया लड़ाई ने फ़िलिस्तीनी संगठन की लोकप्रियता को लगाए चार चांदः इंडिपेंडेंट की दिलचस्प रिपोर्ट
May २५, २०२१ १४:५५हमास ने फ़त्ह संगठन से बिल्कुल अलग रास्ते पर चलते हुए इस्राईल से टकराने का फ़ैसला किया तो उसे ग़ज़्ज़ा पट्टी ही नहीं बल्कि फ़त्ह के गढ़ माने जाने वाले रामल्लाह शहर में, वह भी केवल मुसलमानों नहीं बल्कि ईसाइयों के बीच भी ज़ोरदार समर्थन हासिल हो रहा है।