यमन में मानव त्रासदी की प्रति राष्ट्र संघ की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफ़.ए.ओ.) ने चेतावनी दी है कि अगर यमन की जनता को आपात बजट उपलब्ध न कराया गया तो दसियों लाख लोगों को मानवीय त्रासदी का सामना करना पड़ेगा।
संगठन ने एक रिपोर्ट जारी करके कहा है कि इस समय लगभग डेढ़ करोड़ लोगों अर्थात यमन की आधी जनसंख्या को खाद्य पदार्थों की फ़ौरन ज़रूरत है और मानवताप्रेमी संगठनों की ओर से उन्हें जो सहायताएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और यमन का जो वर्तमान बजट है वह इन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफ़ी नहीं है। राष्ट्र संघ के इस संगठन ने यमन में मानव त्रासदी की रोकथाम के लिए अप्रैल और मई में खेत बोने के समय पर यमन के किसानों को जल्द से जल्द मानवता प्रेमी सहायताएं प्रदान किए जाने पर बल दिया है और कहा है कि मछुआरों की भी सहायता की जानी चाहिए और पशुओं को विभिन्न प्रकार के रोगों के टीके लगाए जाने चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफ़.ए.ओ.) ने बताया है कि यमन में खाद्य पदार्थों की भारी कमी के साथ ही टिड्डियों के हमले ने भी हज़ारों लोगों के रोज़गार और पूंजी को ख़तरे में डाल दिया है जबकि अप्रैल में आने वाली बाढ़ के कारण यमन के लगभग पचास हज़ार लोगों को आपात सहायता की ज़रूरत पड़ गई है। (HN)