सऊदी अरब पर यमनी सेना के मीज़ाईल हमले
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यमन पर सऊदी अरब के एक साल से ज़्यादा समय से जारी अतिक्रमण के जवाब में यमनी सेना ने सऊदी अरब के ठिकानों को बेलिस्टिक मीज़ाईल क़ाहिर-1 से निशाना बनाया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May १४, २०१६ १२:०० Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब पर यमनी सेना के मीज़ाईल हमले

यमन पर सऊदी अरब के एक साल से ज़्यादा समय से जारी अतिक्रमण के जवाब में यमनी सेना ने सऊदी अरब के ठिकानों को बेलिस्टिक मीज़ाईल क़ाहिर-1 से निशाना बनाया है।

अलमयादीन टीवी के अनुसार, यमनी सैनिकों और स्वयंसेवी बलों ने सऊदी अरब की ओर से युद्ध विराम के जारी उल्लंघन के जवाब में दक्षिणी सऊदी अरब के जीज़ान इलाक़े पर अतिक्रमणकारी सऊदी सेना के ठिकानों को बेलिस्टिक मीज़ाईल से निशाना बनाया। ‘क़ाहिर-1’ रूस निर्मित ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाला बेलिस्टिक मीज़ाईल है, जिसे यमन के भीतर उन्नत किया गया है। यमनी सैनिक, इस देश पर सऊदी अरब और उसके घटकों के जारी अतिक्रमण से निपटने के लिए, कई बार इस प्रकार के मीज़ाईल का इस्तेमाल करके अतिक्रमणकारियों को भारी नुक़सान पहुंचा चुके हैं।

सऊदी अरब ने यमन पर 26 मार्च 2015 को अतिक्रमण शुरू किया। इस अतिक्रमण का लक्ष्य यमन के भगोड़े राष्ट्रपति अब्द रब्बोह मंसूर हादी को सत्ता में लौटाना और यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह को कमज़ोर करना है। यमन में एक महीने से ज़्यादा समय से शुरू हुए युद्ध विराम के बावजूद मंसूर हादी के भाड़े के सैनिकों और यमनी सैनिकों व स्वयंसेवी कमेटियों के जवानों के बीच झड़पें जारी हैं। यमन पर सऊदी अरब के हमलों में अब तक बड़ी संख्या में बच्चों और महिलाओं सहित 9500 बेगुनाह नागरिक मारे गए और 16000 से ज़्यादा घायल हुए हैं। (MAQ/N)