फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद ने की राष्ट्रसंघ की रिपोर्ट की आलोचना
यमन में छोटे बच्चों के जनसंहार के दोषी ठहराए जाने पर पीजीसीसी के सदस्य देशों में हड़कंप मच गया है।
फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद ने यमन के संबंध में संयुक्त राष्ट्र संघ से उस रिपोर्ट की समीक्षा की अपील की है जिसमें यमन में सऊदी अरब की अगुवाई वाले सैन्य गठबंधन को छोटे बच्चों के जनसंहार का दोषी बताया गया है।
अस्साआ अख़बार वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्यों ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून से इस रिपोर्ट में संशोधन के लिए तुरंत बैठक आयोजित करने की अपील की। यह परिषद, यमन के संबंध में संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट को पक्षपाती बताती है। परिषद के अनुसार राष्ट्रसंघ की रिपोर्ट का आधार वे ग़लत सूचनाए हैं जो हौसियों के ज़रिए हासिल की गयी है।
बान की मून ने गुरुवार को एक रिपोर्ट में यमन पर सऊदी शासन की अगुवाई में सैन्य गठजोड़ के हमलों की आलोचना करते हुए इस सैन्य गठजोड़ को यमनी बच्चों के जनसंहार का दोषी बताते हुए इस गठजोड़ को उस काली सूचि में शामिल किया है जिसमें जंग के दौरान बच्चों के अधिकारों की हनन करने वाली सेनाओं के नाम का उल्लेख होता है।
इस रिपोर्ट के बाद, सऊदी गठजोड़ के प्रवक्ता अहमद असीरी ने संयुक्त राष्ट्र संघ से अपील की कि वह इस गठजोड़ के ख़िलाफ़ रिपोर्ट जारी करने के बजाए उनके मद्देनज़र यमन की वैध सरकार और इस गठजोड़ के कमान्डर से सहयोग करें ताकि कुवैत में शांति वार्ता का सार्थक नतीजा निकले।(MAQ/N)