इज़रायल ने किस उद्देश्य से लेबनान में युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया?
इज़रायल ने किस उद्देश्य से लेबनान में युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया?
इज़रायल ने किस उद्देश्य से लेबनान में युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया?
पार्सटुडे - ज़ायोनी शासन ने दक्षिणी लेबनान पर हमला करते हुए दावा किया कि उसने हिज़्बुल्लाह की एयर डिफ़ेंस युनिट के एक कमांडर को निशाना बनाया है।
लेबनान और ज़ायोनी शासन के बीच युद्धविराम समझौते की घोषणा के बावजूद, यह ग़ैर क़ानूनी शासन लेबनान के आंतरिक मामलों में दख़ल दे रहा है और लेबनान की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए इस देश के कई क्षेत्रों पर बमबारी कर रहा है। पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अल-मयादीन नेटवर्क ने शनिवार रात को बताया कि ज़ायोनी शासन द्वारा लेबनान के जर्जूअ शहर में एक कार पर किए गए हमले में 2 लोग शहीद हुए और 3 अन्य घायल हो गए।
ज़ायोनी शासन के युद्ध मंत्री येज़राइल कात्ज़ ने दावा किया कि इस हमले में हिज़्बुल्लाह की एयर युनिट के एक कमांडर को निशाना बनाया गया है। अब तक हिज़्बुल्लाह ने ज़ायोनी शासन के इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
लेबनान संप्रभुता के उल्लंघन को सहन नहीं करेगा
लेबनान के सांसद इब्राहिम मूसवी ने शनिवार को ज़ायोनी शासन द्वारा लेबनानी नागरिकों को ले जाने वाले ईरानी विमान को निशाना बनाने की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा: "ज़ायोनी शासन द्वारा लेबनान की संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका की मिलीभगत ने इस शासन को और अधिक गुस्ताख़ बना दिया है। लेबनान के सभी लोगों को इस हरकत की ज़ोरदार तरीक़े से निंदा करनी चाहिए और ज़िम्मेदार अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को कार्रवाई करने के लिए मजबूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें ज़ायोनी शासन के अंदर यह सोच पैदा होने की इजाज़त नहीं देनी चाहिए कि वह कभी भी लेबनान की संप्रभुता पर हमला कर सकता है।"
इसी संदर्भ में, हिज़्बुल्लाह के आह्वान पर लेबनान के लोगों ने एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी लेबनानी नागरिकों को ले जाने वाले यात्री विमान को इज़रायल द्वारा धमकी दिए जाने को लेबनान की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन और देश की विमानन सुरक्षा के लिए ख़तरा बताया।
अमेरिका और इज़रायल लेबनान पर प्रभुत्व चाहते हैं
अल-मनार नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, हिज़्बुल्लाह आंदोलन की राजनीतिक परिषद के उपाध्यक्ष महमूद क़माती ने शनिवार शाम उन लोगों के समूह को संबोधित किया, जो इस आंदोलन के आह्वान पर बैरूत एयरपोर्ट की ओर जाने वाली सड़क पर एकत्रित हुए थे। उन्होंने कहा: "हम यह नहीं मानते कि लेबनान अमेरिका और इज़रायल के प्रभुत्व में हो। ईरानी विमानों को बैरूत एयरपोर्ट पर उतरने से रोकना लेबनान सरकार का अपमान है और अमेरिका द्वारा इस सरकार पर थोपे गए फैसलों की पुष्टि है। हम कभी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। ईरान एक मित्र देश है। रेज़िस्टेंस का समर्थन करने वाले लोग अमेरिकी और इज़रायली अपमानजनक नीति के ख़िलाफ़ हैं और इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।"
ईरानी विमानों को बैरूत एयरपोर्ट पर उतरने से रोके जाने के ख़िलाफ़ लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बैरूत के कई इलाक़ों में ग़ुस्साए निवासियों ने गुरुवार रात को अमेरिका और ज़ायोनी शासन के हस्तक्षेप के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरकर बैरूत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क को बंद कर दिया।