अंसारुल्लाह के समर्थन में सामने आया रूस
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यमन पर सऊदी अरब के अतिक्रमण के ख़िलाफ़ सुरक्षा परिषद में रूस के दृष्टिकोण की अंसारुल्लाह ने सराहना की है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug ०४, २०१६ १२:४५ Asia/Kolkata
  • अंसारुल्लाह के समर्थन में सामने आया रूस

यमन पर सऊदी अरब के अतिक्रमण के ख़िलाफ़ सुरक्षा परिषद में रूस के दृष्टिकोण की अंसारुल्लाह ने सराहना की है।

अलमसीरा टीवी चैनल के अनुसार, यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह के प्रवक्ता मोहममद अब्दुस सलाम ने गुरुवार को कहा कि यमनी राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में रूस के दृष्टिकोण की सराहना करता है, जिसमें रूस ने यमन की नाकाबंदी और इस देश पर सऊदी अरब की ओर से जारी अतिक्रमण का विरोध किया और यमन के संकट को राजनैतिक मार्ग से हल करने का समर्थन किया।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बुधवार को यमन के ताज़ा हालात की समीक्षा और कुवैत में यमन शांति वार्ता के संबंध में दृष्टिकोण अपनाने के लिए विशेष बैठक हुई।

इस बैठक के अंत में सऊदी अरब और अमरीका ने अंसारुल्लाह आंदोलन के ख़िलाफ़ एक बयान जारी किया जिसका रूस ने विरोध किया।

इस बयान को रूस ने वीटो कर दिया, जिसमें अंसारुल्लाह आंदोलन और यमन की राष्ट्रीय कांग्रेस को यमन संकट के हल के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष प्रतिनिधि इस्माईल वलद शैख़ के साथ सहयोग के लिए बाध्य किया गया था।

यमन से एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, यमन के जौफ़ प्रांत के आवासीय इलाक़ों पर सऊदी युद्धक विमानों ने कई बार बमबारी की जिसमें आवासीय इलाक़ों को भारी नुक़सान पहुंचा।

सऊदी अरब ने कुछ क्षेत्रीय अरब देशों के साथ मिलकर अमरीका के समर्थन से 26 मार्च 2015 से यमन पर व्यापक हमले शुरु किए, जिसका लक्ष्य यमन के फ़रारी पूर्व राष्ट्रपति अब्द रब्बोह मंसूर को सत्ता में लौटाना है। (MAQ/N)