पश्चिमी देश आतंकवाद पर निवेश कर रहे हैंः सीरिया
सीरिया के उप विदेशमंत्री फैसल मिकदाद ने बल देकर कहा है कि पश्चिमी देशों विशेषकर अमेरिका ने न केवल आतंकवाद से मुकाबला नहीं किये हैं बल्कि वे आतंकवाद पर निवेश भी कर रहे हैं।
आतंकवाद पर निवेश और पश्चिमी देशों द्वारा उसका समर्थन विश्व स्तर पर आतंकवाद के फैलने का कारण बना है। पश्चिमी देश परोक्ष व अपरोक्ष रूप से आतंकवाद पर निवेश और उसका समर्थन कर रहे हैं।
पश्चिमी देशों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समीकरणों को बदलने के लिए सदैव आतंकवाद का प्रयोग एक हथकंडे के रूप में किया है।
अमेरिका खुले और गुप्त रूस से आतंकवादियों और वहाबियों का जो समर्थन कर रहा है उसे पश्चिमी और सऊदी अरब सहित फार्स खाड़ी के देशों का समर्थन प्राप्त है।
इसी समर्थन की छत्रछाया में आतंकवादी गुट दाइश के बहुत से तत्व व सरगना यूरोपीय देशों से सीरिया गये जो विस्तृत पैमाने पर तकफीरी आतंकवादियों के भेजने में पश्चिमी देशों को सहयोग का सूचक है।
मध्यपूर्व और उत्तरी अफ़्रीकी देशों में इस्लामी जागरूकता की जो लहर आयी उसे नियंत्रित व दिग्भ्रमित करने के लिए पश्चिमी देशों ने हर संभव प्रयास किया है और उनके इस कार्य में सऊदी अरब ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इस प्रकार की स्थिति में मध्यपूर्व व्यवहारिक रूप से आतंकवादियों की गतिविधियों के केन्द्र में परिवर्तित हो गया और इन आतंकवादियों में कुछ पश्चिमी और अरब देशों के नागरिक भी शामिल हैं।
इस आधार पर सीरिया और इराक संकट को एक प्रकार के विदेशी अतिक्रमण का परिणाम मानना चाहिये जिसकी कमान पश्चिमी और उनके समर्थक देशों के हाथ में है।
बहरहाल पश्चिमी देश सीरिया संकट के विषय में अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए यानी प्रतिरोध को समाप्त करने के लिए हर साधन यहां तक कि आतंकवाद का प्रयोग एक हथकंडे के रूप में कर रहे हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में सीरिया में आतंकवादी व विद्रोही गुटों को पश्चिमी देशों के वित्तीय व सैनिक समर्थन प्राप्त हैं।
बहरहाल सीरिया संकट से पूरी दुनिया को बहुत सीख मिलती है उसमें से एक पश्चिमी देशों की ग़लत नीतियों के कारण यूरोप सहित विश्व के विभिन्न देशों में आतंकवाद का विस्तार है। MM