सऊदी अरब का आर्थिक ध्रुव, यमनी सेना के लक्ष्यों में शामिल!
यमनी बलों ने आरामको तेल कंपनी को अपने लक्ष्यों में शामिल करने के बाद गेंद को सऊदी हमलावरों के पाले में डाल दिया है क्योंकि उन्होंने ऐसे नए प्रतिरोधक समीकरणों का वादा किया है जिसका उदाहरण छः साल से सऊदी अरब और अमरीका के जारी हमलों में दिखाई नहीं दिया है।
यमनी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर यहया सरी ने हमलावर गठजोड़ को अभूतपूर्व अत्यंत कड़े और पीड़ादायक हमलों की सूचना दी। उन्होंने कहा कि पिछले 6 साल में हमलावर सैनिकों को यमनी बलों की ओर से जो जवाब मिला है, वैसा ही जवाब बल्कि उससे भी कड़ा जवाब एक साल में दिया जाएगा क्योंकि अब गेंद सऊदी अरब के पाले में है और यमनी बलों की कार्यवाहियों का सातवां साल चौंकाने वाला होगा। उन्होंने कहा कि सऊदी गठजोड़ द्वारा यमन की घेराबंदी एक शत्रुतापूर्ण सैन्य कार्यवाही है और यमनी बल उसी के हिसाब से जवाब देंगे। ब्रिगेडियर सरी ने कहा कि युद्ध विराम की पहल, यमनी जनता के अत्याचारपूर्ण घेराव की समाप्ति का चिन्ह नहीं हो सकती।
यमनी सेना के प्रवक्ता ने बताया कि देश की ड्रोन इकाई, पूरी तरह से स्वदेशी है और हमलावरों की ओर से यमन की वायु सेना और एयर डिफ़ेंस को पहुंचाए गए नुक़सान का जवाब है। उन्होंने कहा कि यह हथियार व्यवहारिक रूप से सऊदी हमलावरों को रोकने में बहुत प्रभावी रहा है और इसने सऊदी अरब के अनेक नियंत्रण केंद्रों व सैन्य अड्डों को तबाह किया है। वास्तविकता यह है कि यमनी आज अपने प्रतिरोधक हथियारों को विकसित कर रहे हैं, अब चाहे वे ड्रोन हों या बैलिस्टिक मीज़ाइल। यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों ने संयुक्त कार्यवाहियों में नए नए काम किए हैं। शुक्रवार को की गई कार्यवाही इसका अच्छा उदाहरण है क्योंकि सनआ ने 18 सम्माद ड्रोन और 11 ज़ुलफ़ेक़ार मीज़ाइलों का इस्तेमाल किया और 26 मार्च की सालगिरह के अवसर पर कड़ा संदेश दिया जिस दिन आरामको तेल कंपनी को निशाना बना गया था।
यमन के स्वेदशी प्रतिरोधक हथियारों ने न केवल हमलावर देशों बल्कि अमरीका जैसे उनके समर्थकों को भी परेशान कर रखा है। हमलावरों के अपराधों के जवाब में यमनी बलों की प्रतिरोधक कार्यवाहियों की अमरीका और पश्चिमी देशों की ओर से निंदा, यमन पर इस बात का दबाव डालने के लिए है वह सऊदी अरब पर निर्भरता को मान ले लेकिन यमनी तो 6 साल पहले ही इस बात को ख़ारिज कर चुके हैं जब उनके पास कुछ नहीं था जबकि अब तो ज़मीनी स्तर पर वे जीत रहे हैं और उनके पास अहम प्रतिरोधक हथियार भी हैं। यमन के युद्ध में इस्तेमाल होने वाले हथियारों के लिए अमरीका की शस्त्र निर्माता कंपनियों को अरबों डाॅलर देने वाली सऊदी अरब की आरामको तेल कंपनी पर यमनी बलों के हमलों में वृद्धि से ऐसा लगता है कि यमन की आग ने दुधारू गाय के थन ही जला दिए हैं।
सिर्फ़ यमनी जनता की घेराबंदी समाप्त करके और हमले रोक कर ही यमन के बैलिस्टिक मीज़ाइलों और ड्रोनों को हमलावर देशों की वायु सीमा में उड़ान भरने से रोका जा सकता है। किसी को भी यह आशा नहीं रखनी चाहिए कि सम्मानित व प्रतिष्ठित यमनी, अपने बच्चों को भूखा और अमरीका के फ़ासफ़ोरस बमों से जलता देखेंगे और चुप रहेंगे, जैसा कि ब्रिगेडियर सरी ने कहा हैः गेंद इस समय सऊदी अरब के मैदान में है। (HN)
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