अमरीकी सैनिकों में अभूतपूर्व ढंग से बढ़ा आत्महत्या का चलन
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अमरीका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार इस देश के सैनिकों के भीतर आत्महत्या करने वालों की संख्या आतंकवाद विरोधी युद्ध में मरने वालों की तुलना में बहुत अधिक है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Jun २२, २०२१ २२:०९ Asia/Kolkata
  • अमरीकी सैनिकों में अभूतपूर्व ढंग से बढ़ा आत्महत्या का चलन

अमरीका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार इस देश के सैनिकों के भीतर आत्महत्या करने वालों की संख्या आतंकवाद विरोधी युद्ध में मरने वालों की तुलना में बहुत अधिक है।

रश्याटूडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि वे अमरीकी सैनिक जो आत्महत्याएं कर रहे हैं उनकी संख्या उन सैनिकों से बहुत अधिक है जो आतंकवाद विरोधी युद्ध में मारे गए हैं।

ग्यारह सितंबर की घटना के बाद अमरीका ने जो तथाकथित आतंकवाद विरोधी युद्ध आरंभ किया है उसके कारण अमरीकी सैनिकों के भीतर आत्महत्या करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

अमरीकी सैनिकों को लड़ने के लिए उनकी इच्छा के विपरीत दूसरे देशों में भेजा जाता है।  स्वेच्छा से युद्ध में भाग न लेने के कारण उनकी मानसिक स्थिति ख़राब हो जाती है और वे आत्महत्या की ओर बढ़ते हैं।  ्इस प्रकार के सैनिक कभी भी युद्ध के मैदान से भागने के भी प्रयास करते हैं।

एक अध्ययन से पता चलता है कि जिन अमरीकी सैनिकों ने आत्महत्याएं की हैं उनकी संख्या उन सैनिकों से चार बराबर है जो ग्यारह सितंबर की घटना के बाद अमरीका की ओर से आरंभ किये गए युद्ध में मारे जा चुके हैं।

इस अध्ययन में बताया गया है कि सन 2001 में बुश की ओर से आरंभ किये गए वैश्विक युद्ध में 7057 अमरीकी सैनिक मारे गए जबकि इसी दौरान जिन अमरीकी सैनिकों ने ख़ुदकुशी करके अपनी जान दी उनकी संख्या 7916 है।