अब भी अफ़ग़ानिस्तान की पीछा नहीं छोड़ रहा अमरीका
अफ़ग़ानिस्तान से अपनी लज्जाजनक सैन्य वापसी के बावजूद अमरीका अब भी इस देश का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं है।
संयुक्त राज्य अमरीका के ज्वाइंट चीज आफ आर्मी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के भीतर आतंकवाद विरोधी कार्यवाही में वे तालेबान के साथ सहयोग कर सकते हैं।
मार्क मेली ने अमरीकी रक्षामंत्री लाएड आस्टन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमरीका, अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी गुटों विशेषकर दाइश के विरुद्ध कार्यवाही में तालेबान के साथ सहयोग कर सकता है।
मार्क मेली ने कहा कि काबुल हवाई अड्डे के माध्यम से हज़ारों लोगों को अफ़ग़ानिस्तान के बाहर भेजने के संबन्ध में अमरीकी सेना ने पिछले तीन सप्ताहों के दौरान, काबुल हवाई अड्डे के बारह तालेबान कमांडरों से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह स्वयं में एक प्रकार का सहयोग है।
हालांकि अमरीका के रक्षामंत्री पहले ही कह चुके हैं कि तालेबान के साथ किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया जाएगा। लाएड आस्टन ने कहा कि भविष्य में सहयोग के बारे में अभी कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान से अपनी 20 वर्षीय सैन्य उपस्थति को समाप्त करके वहां से लज्जाजनक ढंग से निकल भागने के बावजूद अमरीका फिर उसी गुट के साथ सहयोग की बात कह रहा है जिसे उसने आतंकवादी संगठन बताकर दो दशक पहले अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया था। इन 20 वर्षों के दौरान कम से कम 313 अरब डाॅलर ख़र्च हुए और 2500 से अधिक लोगों की जाने गईं।
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