राष्ट्रसंघ ने स्वीकारी अपनी अक्षमता
संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव ने अफ़ग़ान समस्या के समाधान में इस संघ की अक्षमता को स्वीकार कर लिया।
एंटोनियो गुटेरस ने हर उस प्रस्ताव व सुझाव को विचार और कल्पना का नाम दिया जिसमें कहा गया था राष्ट्रसंघ अफगान समस्या का समाधान सकता है।
समाचार एजेन्सी रोयटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने बुधवार को उन मानवीय बलों और वित्तीय खर्चों की ओर संकेत किया जिसे अमेरिका और उसके घटकों ने गत 20 वर्षों के दौरान अफगानिस्तान में खर्च किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और नैटो इतना खर्च करने के बावजूद अफगानिस्तान समस्या के समाधान में विफल हो गये और यह एक विचार व कल्पना है कि मैं यह सोचूं कि सेना और पैसे के बिना अफगान समस्या का समाधान कर सकता हूं।
इसी प्रकार उन्होंने बल देकर कहा कि व्यापक सरकार के गठन हेतु तालेबान के प्रयास का राष्ट्रसंघ समर्थन करता है। इसी प्रकार के राष्ट्रसंघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने दूसरे देशों का आह्वान किया है कि वे इस बात से आश्वस्त हो जायें कि अफगानिस्तान की अर्थ व्यवस्था पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि हम तालेबान और अफगानिस्तान के समस्त पक्षों का आह्वान करते हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करें और विश्व समुदाय को भी चाहिये कि वह एकजुट हो जाये और तालेबान का आह्वान करे कि दोबारा अफगानिस्तान आतंकवादियों की शरण स्थली न बने।
ज्ञात रहे कि 15 अगस्त तालेबान काबुल में दाखिल हो गये थे जिसके बाद अशरफ ग़नी की सरकार खत्म हो गयी। MM
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