ब्रिटेन में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़तार तो इलज़ाम युवाओं पर
…ब्रिटेन में कोरोना महामारी की लहर फिर से तेज़ हो गई है गत मंगलवार को 200 से अधिक जानें चली गईं जो पिछले सात महीने में सबसे घातक दिन साबित हुआ है.....चूंकि युवाओं का टीकाकारण जल्द ही शुरु हुआ है इसलिए सारा इलज़ाम उन्हीं पर लगा दिया जाता है....बुज़ुर्ग का कहना है कि जिन युवाओं ने टीका नहीं लगवाया है और समाज में रहते हैं और सामान्य से अधिक गतिविधियां करते हैं उनकी वजह से कोरोना का संक्रमण ज़्यादा बढ़ रहा है।
ब्रिटेन में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 75 लाख से अधिक हो गई है...पिछले एक महीने में दस लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो गए।...ब्रिटेन में लगभग 67 मिलियन की आबादी है और यह देश कोरोना के संक्रमितों की संख्या के हिसाब से चौथे नंबर पर है।...सात हज़ार से अधिक कोविड की बीमार अस्पतालों में नाज़ुक हालत में हैं। लोगों में कोरोना का ख़ौफ़ मौजूद है....महिला का कहना है कि लोग कोरोना प्रोटोकोल का ध्यान नहीं रखते जिसकी वजह से कोरोना वायरस की रफ़तार बढ़ रही है और वैक्सीन का असर भी कम हो रहा है। ब्रिटेन की सरकार केवल उन लोगों को कोरोना से मरने वालों में गिनती है जो इस वायरस से संक्रमित होने के बाद 28 दिन के भीतर ज़िंदगी की बाज़ी हार जाएं। सरकारी संस्थाओं का कहना है कि इस देश में 1 लाख 57 हज़ार लोगों की कोविड से मौत हुई है।...ब्रिटेन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते समय मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य है।... ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बार बार कह रहे हैं कि प्रोटोकोल का ख़याल रखा जाना ज़रूरी है वह वैक्सीन लगवा चुके लोगों को भी चेतावनी देते हैं कि ख़ुद को सुरक्षित न समझें और प्रोटोकोल का पालन छोड़ने की ग़लती न करें। लंदन से आईआरआईबी के लिए मुजतबा क़ासिम ज़ादे की रिपोर्ट
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