अमरीका को स्वीकार करनी ही पड़ेगी तालेबान की सरकारः इमरान ख़ान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज नहीं तो कल एक अवश्य की अमरीका को तालेबान की सरकार को मानना पड़ेगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा है कि अगर तालेबान की तत्काल कोई सहायता नहीं की गई तो इस बात का भय है कि वहां पर बनने वाली अंतरिम सरकार गिर जाए।
तुर्की के टीआरटी को दिये इन्टरव्यू में इमरान ख़ान का कहना था कि इसके परिणाम स्वरूप अफ़ग़ानिस्तान में अराजकता और मानवीय संकट सामने आएगा। इमरान ख़ान के अनुसार अमरीका को अंततः तालेबान की सरकार को स्वीकार करना ही पड़ेगा।
उनका कहना था कि हो सकता है कि तालेबान कुछ समय के लिए अपने पैरो पर खड़े हो जाएं लेकिन अगर उनको तत्काल कोई सहायता नहीं पहुंचाई गई तो इस बात का ख़तरा है कि अफ़ग़ानिस्तान में बनने वाली तालेबान की अंतरिम सरकार गिर जाए। तालेबान की सरकर के गिरने की स्थिति में अफ़ग़ानिस्तान में अशांति और अराजकता फैल सकती है जिसके नतीजे में वहां पर एक मानवीय संकट उत्पन्न हो जाएगा।
जब इमरान ख़ान से इस्लामाबाद की ओर से तालेबान की सरकार को मान्यता देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अफ़ग़ानिस्तान के पड़ोसी देशों के साथ हमारी बात चल रही है कि तालेबान की सरकरा को कब स्वीकार किया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ने अकेले तालेबान की सरकार को स्वीकार कर लिया तो इसका कोई ज़्यादा असर नहीं होगा इसलिए होना यह चाहिए कि पहले अमरीका, यूरोप, चीन और रूस पहले तालेबान की सरकार को मान्यता दें। इमरान ख़ान के अनुसार आज नहीं तो कल अमरीका को तालेबान की सरकार को स्वीकार करना ही पड़ेगा।
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