क़ज़ाक़िस्तान के उपद्रवियों के पक्ष में आए अमरीकी विदेश मंत्री
क़ज़ाक़िस्तान में जारी उपद्रव के दौरान इस देश के राष्ट्रपति ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया है।
इसी बीच अमरीकी विदेशमंत्री ने कहा है कि देखते ही गोली मारने का आदेश बहुत बड़ी ग़लती है।
ब्लिंकन ने एबीसी न्यूज़ चैनेल को दिये इन्टरव्यू में कहा है कि क़ज़ाक़िस्तान के राष्ट्रपति का यह आदेश समझ से परे है कि उपद्रवियों को देखते ही गोली मार दी जाए।
जबसे क़ज़ाक़िस्तान के राष्ट्रपति ने अपने देश में जारी उपद्नव में विदेशी हस्तक्षेप की बात की है और रूस से सैनिक भेजने की मांग की है उस समय से अमरीका, क़ज़ाक़िस्तान के संकट का राजनैतिक लाभ उठाना चाह रहा है।
इससे पहले अमरीकी विदेशमंत्री कह चुके हैं कि मेरा माननता है कि क़ज़ाक़िस्तान के अधिकारी अपने देश में उत्पन्न हुई स्थिति पर नियंत्रण करने में सक्षम हैं। वे प्रदर्शकारियों के अधिकारों का ध्यान रखते हुए वहां की व्यवस्था को सही कर सकते हैं। एसे में मेरी समझ में यह नहीं आ रहा है कि उनको विदेशी सैनिकों की क्यों ज़रूरत पड़ रही है।
क़ज़ाक़िस्तान के राष्ट्रपति पहले ही कह चुके हैं कि मेरे अनुरोध से ही रूस और पड़ोसी देशों के सैनिक हमारे यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था ठीक होने तक वे यहां पर अस्थाई तौर पर रहेंगे। उनका यह भी कहना था कि क़ज़ाक़िस्तान को अस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित तत्वों को विदेश से यहां पर भेजा गया है।
उल्लेखनीय है कि क़ज़ाक़िस्तान में ईंधन के मूल्यों में वृद्धि के बाद से इस देश में विरोध प्रदर्शन होने लगे जो बहुत ही कम समय में पूरे देश में फैल गए। वहां पर प्रदर्शनकारी सरकारी इमारतों को आग लगाते हुए सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुंचा रहे हैं। इस देश के राष्ट्रपति का कहना है कि यह काम प्रशिक्षण प्राप्त विदेशी तत्व अंजाम दे रहे हैं।
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