अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी उपस्थिति से नाराज़ हुए इमरान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी उपस्थिति का कड़ा विरोध किया है।
इमरान ख़ान का कहना था कि अलक़ाएदा के नेता ओसामा बिन लादेन की हत्या के बाद अमरीकियों को अफ़ग़ानिस्तान से वापस चले जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अमरीकी, अफ़ग़ानिस्तान में बिना किसी स्पष्ट लक्ष्य के वर्षों तक बाक़ी रहे।
इमरान का कहना था कि अमरीका वहां पर झूठे दावों के साथ दशकों बने रहे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान की संपत्ति के अधिक समय तक ब्लाॅक रहने से वहां पर आतंकवाद को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के बारे में अमरीका की दृष्टिकोण उनके हितों पर ही आधारित रहा है। उनका कहना था कि जब वे अपना फाएदा देखते हैं तो उसी हिसाब से दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं।
अमरीका के बारे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का यह दृष्टिकोण, दोनो देशों के बीच गर्मजोशी के अभाव को दर्शाता है। इसी बीच इमरान ख़ान ने बीजिंग के बारे में अमरीका की आक्रामक नीतियों का भी विरोध किया है। उन्होंने चीन और अमरीका के संबन्धों में बढ़ते तनाव के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का समर्थन करते हैं नकारात्मक का नहीं।
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