अर्दोग़ान संजोए बैठे हैं फिर से राष्ट्रपति बनने का सपना
तुर्की में हालिया महीनों के दौरान बढ़ती मंहगाई और बेरोज़गारी के बीच रजब तैय्यब अर्दोग़ान एक बार फिर इस देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन होना चाहते हैं।
तुर्की राष्ट्रपति बनने से पहले अर्दोग़ान इस देश के प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। सन 2014 में वे पहली बार तुर्की के राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए थे। उनको 50 प्रतिशत से अधिक मत हासिल हुए थे। इसके बाद सन 2018 में वे पुनः तुर्की के राष्ट्रपति चुने गए। अब तुर्की में राष्ट्रपति पद के चुनाव में एक वर्ष का समय शेष है। वहां पर जून 2023 को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराए जाएंगे।
विशेष बात यह है कि तुर्की को इस समय कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहां पर मंहगाई बहुत बढ़ चुकी है। बढ़ती मंहगाई और बेरोज़गारी के कारण तुर्की के बहुत से लोग अर्दोग़ान से दूर हो गए हैं। वहां की राष्ट्रीय मुद्रा लीरा की क़ीमत हर रोज़ गिर रही है, मंहगाई लगातार बढ़ती जा रही है और बेरोज़गारों की संख्या में वृद्धि हो रही है जिसके परिणाम स्वरूप तुर्की की जनता के पास दैनिक जीवन व्यतीत करने के लिए पैसों की कमी हो गई है।
आर्थिक अस्थिरता के कारण तुर्की में रोज़गान के अवसर कम होते जा रहे हैं जिसके कारण समाज के भीतर खाई बढ़ती जा रही है। तुर्की की सत्ताधारी जस्टिस एंड डेवलेपमेंट पार्टी के प्रमुख अर्दोग़ान का कहना है कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव में हमारे ही दल के विजयी होने की संभावना अधिक है। अर्दोग़ान दावा कर चुके हैं कि लंबे समय से तुर्की की अर्थव्यवस्था को लक्ष्य बनाया जा रहा है। यही वजह है कि देश की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
तुर्की के राष्ट्रपति ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा है कि देश की जनता को बहुत ही जल्दी उन समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी जिनमें वह इस समय ग्रस्त है। उन्होंने दावा किया कि ब्याज दर से संबन्धित परेशानी किसी हद तक कम हो चुकी है। यही कारण है कि अब विनिमय दर में स्थिरता दिखाई दे रही है।
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