चीन फिर आया अमरीकी प्रतिबंधों की ज़द में
यूक्रेन युद्ध में रुस की सहायता को बहाना बनाकर अमरीका ने चीन पर प्रतिबंध लगाए हैं।
चीन ने अमरीका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को एकपक्षीय बताते हुए उनको ग़ैर क़ानूनी बताया है।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमरीकी प्रतिबंधों के मुक़ाबले में चीन भी जवाबी कार्यवाही करेगा। माओ निंग ने कहा कि यूक्रेन युद्ध में रूस की सहायता के नाम पर चीन पर जो प्रतिबंध लगाए गए हैं उनका कोई भी अन्तर्राष्ट्री आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद के आदेश पर भी नहीं लगाए गए।
चीन के अनुसार यह अमरीकी प्रतिबंध पूरी तरह से एकपक्षीय और ग़ैर क़ानूनी हैं जो चीन के हितों को क्षति पहुंचनाने वाले हैं। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका को ग़लत सूचनाओं से दूर रहते हुए चीनी कंपनी पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना चाहिए। कुछ समय पहले वाल स्ट्रीट जरनल ने इस बात का उल्लेख किया था कि अमरीका के विदेश और वित्त मंत्रालय, चीनी कंपनी टियांड टेकनालिजि के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं जिसपर वे प्रतिबंध लगा सकते हैं।
याद रहे कि विश्व के कई देशों और अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने यह आरोप लगाया है कि अमरीका ने प्रतिबंधों को एक हथकण्डा बना रखा है। अपनी बातों को मनवाने के लिए वाशिंगटन, प्रतिबंधों के इस हथकण्डे का प्रयोग करता है। अमरीका कई बार चीनी कंपनियों को अलग अलग बहानों से प्रतिबंधित कर चुका है। यह वह विषय है जिसने चीन को बहुत नाराज़ कर रखा है।
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए