रुस और चीन की निकटता से अमरीका चिंतित
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चीन और रूस के राष्ट्राध्यक्षों की भेंटवार्ता पर कई अमरीकी अधिकारियों ने चिंता जताई है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Mar २४, २०२३ १३:३२ Asia/Kolkata

चीन और रूस के राष्ट्राध्यक्षों की भेंटवार्ता पर कई अमरीकी अधिकारियों ने चिंता जताई है।

रूस तथा चीन के बीच होने वाले संयुक्त स्ट्रैटेजिक समझौते पर हस्ताक्षर के बाद कहा गया है कि जब पश्चिम और यूक्रेन तैयार होंगे तो चीन की शांति योजना मध्यस्थता के लिए मौजूद है।

इसी बीच अमरीका के रक्षामंत्री ने कहा है कि हालांकि अभी तक हमने यह नहीं देखा है कि चीन, रूस के लिए हथियार भेज रहा है किंतु यह बात निश्चित रूप मे कही जा सकती है कि कि विलादिमीर पुतीन और शी जिन पिंग की भेंटवार्ता एक प्रकार से परस्पर समर्थन के अर्थ में है जो अमरीका के लिए बहुत ही चिंता की बात है।

अमरीकी रक्षामंत्री का दावा है कि अगर चीन, रूस के सैन्य समर्थन का फैसला करता है तो एसे में यूक्रेन युद्ध बहुत लंबा खिंच जाएगा।  एसे में यह युद्ध न केवल क्षेत्र में बल्कि विश्व स्तर पर भी फैल सकती है।  दूसरी ओर अमरीका के विदेशमंत्री ब्लिंकन कहते हैं कि चीन द्वारा रूस का कूटनैतिक समर्थन, वाइट हाउस के हितों के लिए विरोधाभास रखता है।  उन्होंने कहा कि रूस का कूटनैतिक समर्थन करने के बावजूद चीन ने अबतक माॅस्को की सैन्य सहायता नहीं की है। 

दूसरी ओर अमरीकी रक्षामंत्री के विदेशी मामलों के सलाहकार कहते हैं कि चीन और रूस के राष्ट्रपतियों की निकटता और परस्पर सहयोग, संयुक्त राज्य अमरीका के स्ट्रैटेजिक हितों के लिए गंभीर ख़तरा हैं।  उन्होंने कहा कि चीन एसा देश है जिसमें नवीन विश्व व्यवस्था के पुनर्निमाण की क्षमता पाई जाती है।  इसी बीच यूएस सेंट्रल कमान के प्रमुख माइकल कोरेला ने अमरीकी कांग्रेस में कहा है कि इस कमान की वरीयता, चीन तथा रूस के साथ स्ट्रैटेजिक प्रतिस्पर्धा करना है।  

याद रहे कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में रूस की यात्रा की है।  मास्को में उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वन मुलाक़ात की।  इस भेंटवार्ता में दोनों देशों के बीच संबंधों को अधिक मज़बूत बनाने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया।  चीन के राष्ट्रपति की रूस यात्रा का मक़सद, रूस के साथ नज़दीकी साझेदारी को अधिक मज़बूत बनाना बताया जा रहा है।

रूस के राष्ट्रपति विलादिमीर पुतीन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय भेंटवार्ता पर अमरीका की ओर से प्रतिक्रिया, उसकी चिंता का परिणाम है।  उसको लगता है कि इससे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर वाइट हाउस के प्रभाव में कमी आएगी।

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