गुट सात के घोषणापत्र से चीन हुआ नाराज़
जी-7 ने जो घोषणापत्र जारी किया है उसपर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबीन ने कहा है कि बीजिंग, गुट सात की ओर से जारी किये गए बयान का खुलकर विरोध करता है।उन्होंने कहा कि गुट सात ने ताइवान के संबन्ध में चीन की चिंताओं को अनदेखा करते हुए उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया है।
चीन ने गुट सात देशों की बैठक का आयोजन करने वाले देश जापान से भी शिकायत की है। जापान के नगर हिरोशिमा में आयोजित गुट सात देशों की बैठक में मौजूद राष्ट्राध्यक्षों ने चीन पर आर्थिक निर्भर्ता को कम करने पर अपना ध्यान केन्द्रित रखा। साथ ही उन्होंने उत्तरी कोरिया की परमाणु गतिविधियों तथा यूक्रेन युद्ध के बारे में भी अपने विचार रखे।
उसके घोषणापत्र के एक भाग में ताइवान के मुद्दे की ओर भी संकेत किया गया। इसमें कहा गया है कि ताइवान के क्षेत्र में शांति की स्थापना को हम विश्व समुदाय के लिए शांति की पूर्व शर्त के रूप में देखते हैं। चीन से ताइवान की स्थिति का सम्मान करने को भी कहा गया है।
कुछ जानकारों का कहना है कि ताइवान के बारे में पश्चिमी देशों की नीति, उसके द्वारा घोषित नीति के बिल्कुल विरुद्ध है। वैसे तो वे एक चीन का दावा करते हैं किंतु व्यवहारिक रूप में उकसावे की कार्यवाहियां करके ताइवान को प्रथकता की ओर ले जा रहे हैं।
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