चीनी वैज्ञानिक का बुढ़ापा रोकने का दावा, कितनी है सच्चाई?
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विवादों में रहने वाले चीनी वैज्ञानिक हे जियानकुई ने दावा किया है कि, वह लोगों का बुढ़ापा रोक सकते हैं।
(last modified 2023-07-06T07:49:09+00:00 )
Jul ०६, २०२३ १२:४७ Asia/Kolkata
  • चीनी वैज्ञानिक का बुढ़ापा रोकने का दावा, कितनी है सच्चाई?

विवादों में रहने वाले चीनी वैज्ञानिक हे जियानकुई ने दावा किया है कि, वह लोगों का बुढ़ापा रोक सकते हैं।

उन्होंने भ्रूण में परिवर्तन करने की बात कही जिसके बाद ही उनका व्यापक स्तर पर विरोध हो रहा है। 2018 में उनके ‘जीन संशोधित’ बच्चा बनाने के दावे के बाद 3 साल की जेल की जेल की सजा हुई थी। वह पिछले साल जेल से बाहर आए थे। जियानकुई जेल से छूटने के बाद से जीन-थेरेपी के जरिए दुर्लभ बीमारियों के इलाज पर शोध कर रहे हैं।

उनके नए शोध के प्रस्ताव से एक बार फिर से विवाद बढ़ा है। लोग उनके बुढ़ापा रोकने के लिए जीन परिवर्तन के प्रस्ताव के बाद मेडिकल वैज्ञानिकों ने काफी आलोचना की है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ उनके रिसर्च को अनैतिक और ख़तरनाक मानते हैं। जियानकुई ने अपने शोध को ट्विटर पर शेयर किया है। उन्होंने कहा कि लैब में पहले एडिटेड भ्रूण वाले चूहे पर रिसर्च किया जाएगा, उसके बाद युग्मनज (Zygote) मनुष्य की एडिटेड अंडाणु को शामिल करके अध्यन किया जायेगा कि ये म्यूटेशन अल्ज़ाइमर को रोकने में सफल होती है या नहीं?

उन्होंने चीन में बढ़ते बुजुर्गों की आबादी और बुढ़ापे में होने वाली ‘अल्ज़ाइमर’ बीमारी को रोकने के लिए इस शोध को काफी महत्वपूर्ण बताया है।  (AK)

 

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