Dec ०२, २०२३ १४:४६ Asia/Kolkata

ज़ेलेंस्की को इस बात की चिंता सता रही है कि ग़ज़्ज़ा युद्ध के चक्कर में उनको मिलने वाली सहायता कम होती जा रही है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने पश्चिम की इसलिए आलोचना की है क्योंकि उनके कथनानुसार अमरीका के नेतृत्व वाला पश्चिम, यूक्रेन युद्ध में अब हमको भूल गया है।  उन्होंने पश्चिम की ओर से यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता में कमी पर भी दुख जताया। 

ज़ेलेंस्की का मानना है कि ग़ज़्ज़ा युद्ध के कारण पश्चिम की ओर से हमारे समर्थन में कमी आई है जो चिंता का विषय है।  उन्होंने कहा कि हथियारों की सप्लाई में कमी के कारण यूक्रेन को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। 

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अमरीका को सचेत करते हुए कहा है कि अगर यूक्रेन की सहायता नहीं की जाती है तो फिर रूस, नैटो के सदस्य देशों पर हमले करेगा।  ज़ेलेंस्की के अनुसार यह वह समय होगा जब यूक्रेन के सैनिक ही मोर्चों पर युद्ध के लिए आगे बढ़ेंगे।  यूक्रेन के राष्ट्रपति का यह ताज़ा बयान इस ओर संकेत करता है कि हमास के अलअक़सा तूफ़ान आपरेशन के बाद से पश्चिम विशेषकर अमरीका का ध्यान इस समय इस्राईल पर केन्द्रित हो चुका है।  यह वह विषय है जिसने यूक्रेन के राष्ट्रपति सहित वहां के वरिष्ठ अधिकारियों को बहुत चिंतित कर दिया है। 

वर्तमान समय में यह साफ दिखाई दे रहा है कि यूक्रेन के समर्थन के नारे के बावजूद इस समय अमरीका का पूरा ध्यान, तेल अवीव की ज़रूरतों को पूरा करने में लगा हुआ है।  ज़ायोनियों के हाथों अधिक से अधिक फ़िलिस्तीनियों की हत्या करवाने के उद्देश्य से अमरीका ने अवैध ज़ायोनी शासन को 100 से अधिक एसे बम भेजे हैं जिनके भीतर कंकरीट की मज़बूत इमारतों और टावरों को ध्वस्त करने की क्षमता पाई जाती है। 

वैसे अमरीकी राष्ट्रपति ने कांग्रेस में 106 अरब डालर का एक पैकेज पेश किया है जिसके अन्तर्गत चौदह दश्मलव तीन अरब डालर की राशि, इस्राईल से विशेष है।  हालांकि इस पैकेज में इक्सठ दश्मलव चार अरब डालर, यूक्रेन की सहायता से विशेष किये गए हैं।  यूक्रेन के राष्ट्रपति की ओर से पश्चिम से सहायता करने में कमी की शिकायत यह बताती है कि रूस के विरुद्ध यूक्रेन युद्ध में पश्चिम की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।  हालत यह है कि अगर यह सहायता रुक जाती है तो फिर इससे यूक्रेन के लिए गंभीर संकट पैदा हो सकता है।पश्चिमी ब्लाक और नैटो के मुखिया के रूप में संयुक्त राज्य अमरीका ने रूस को अधिक से अधिक कमज़ोर करने के उद्देश्य से यूक्रेन की खुलकर सहायता की जिसमें हथियार भी शामिल है। 

अमरीका और नैटो के अधिकारों का मानना है कि यूक्रेन युद्ध में रूस की विजय की स्थति में पूरी दुनिय में नैटो की साख को नुक़सान पहुंचेगा और क्षेत्र में रूस के प्रभाव में वृद्धि हो जाएगी।  यही कारण है कि पश्चिम अब भी यही चाहता है कि युद्ध में यूक्रेन की ही विजय हो जिसके लिए उसकी सहायता करना बहुत ज़रूरी है।  हालांकि फिलहाल ग़ज़्ज़ा युद्ध के कारण अमरीका का पूरा ध्यान इस्राईल की सहायता पर केन्द्रित हो चुका है एसे में देखना होगा कि आगे क्या होगा।

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