Jun २२, २०२४ १४:४१ Asia/Kolkata
  • न्यूयार्क टाइम्सः इस्राईल हर रोज़ अकेला होता जा रहा है/ ईरान के मुक़ाबले में इस्राईल के पास न तो सैनिक विकल्प है न डिप्लोमैटिक

पार्सटुडे- अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स लिखता है कि इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने अपनी विध्वंसक नीतियों के साथ इस सरकार को हर समय से अधिक अलग- थलग कर दिया है।

इस समाचार पत्र ने लिखा है कि शांति के समय भी इस्राईल की नीतियां पागल करने वाली हैं किन्तु जंग के समय आधिकारिक तौर पर मात्र पागलपन हैं। इसी तरह इस समाचार पत्र ने लिखा है कि इस्राईल प्रतिदिन अकेला होता जा रहा है क्योंकि कोई भी देश इन नीतियों के साथ सहयोग नहीं करना चाहता।

 

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक विश्लेषक और अमेरिकी पत्रकार थॉमस फ़्रेडमेन ने इससे पहले एक लेख लिखा था जिसका शीर्षक था" जिस इस्राईल को हम पहचानते हैं वह ख़त्म हो चुका है" उन्होंने इस लेख में इस्राईल की विध्वंसक नीतियों की ओर इशारा किया था।

 

राजनीतिक विश्लेषक और अमेरिकी पत्रकार थॉमस फ़्रेडमेन ने इससे पहले इस्राईल में होने वाले चुनावों में वर्तमान अतिवादी दक्षिणपंथी गठबंधन की सफ़लता के बाद लिखा था " इस लेख में इस गठबंधन के अतिवादी होने के बारे में हमने गम्भीर चेतावनी दी थी परंतु बहुत से लोगों ने मेरा विरोध किया और अब घटित होने वाली घटनाओं ने दर्शा दिया कि वे सब ग़लती कर रहे थे और वर्तमान स्थिति उससे समय भी बदतर हो चुकी है। ....आज इस्राईल ख़तरे में है

 

इस अमेरिकी विश्लेषक ने स्वीकार किया कि इस्राईल को उस ईरान का सामना है जो क्षेत्रीय ताक़त है और इस सरकार के पास ईरान के मुक़ाबले में न तो डिप्लोमैटिक ताक़त है न सैनिक विकल्प। फ़्रेडमेन ने इस ओर संकेत किया कि इस्राईल को तीन मोर्चों पर ग़ज़्ज़ा पट्टी, लेबनान और पश्चिमी किनारे पर जंग का सामना है। इसी प्रकार फ़्रेडमेन ने कहा कि हिज़्बुल्लाह के पास सटीक मार करने वाले मीज़ाइल हैं जो बड़े पैमाने पर इस्राईल की आधारभूत सेवाओं को ख़त्म व नष्ट कर सकते हैं, एअरपोर्ट और बंदरगाहों से लेकर सैनिक छावनियों और बिजलीघरों को निशाना बना सकते हैं। फ़्रेडमेन के अनुसार इस्राईल का संचालन ऐसा व्यक्ति कर रहा है जो केवल सत्ता में बाक़ी रहने के बारे में सोचता है और हर संभव मार्ग से सत्ता से चिपके रहना चाहता है ताकि ख़ुद को मुक़द्दमा चलाने जाने और जेल जाने से बचा सके।

 

इस राजनीतिक विश्लेषक का मानना है कि नेतनयाहू ने अपनी आत्मा व ज़मीर को बेच दिया है ताकि दक्षिणपंथी अतिवादी यहूदी मंत्रिमंडल का गठन कर सके।

 

दूसरी ओर इस्राईल के पूर्व प्रधानमंत्री एहूद बाराक ने अभी हाल ही में कहा है कि अगर नेतनयाहू सत्ता से नहीं हटते हैं तो तेअलवीव शीघ्र ही स्वयं को इस हालत में पायेगा कि एक तरफ़ से वह ग़ज़्ज़ा में युद्धरत होगा और उत्तर से हिज़्बुल्लाह के साथ उसे व्यापक युद्ध का सामना होगा और पश्चिमी किनारे पर उसे तीसरे इंतेफ़ाज़ा का सामना होगा।

 

एहूद बाराक के अनुसार यमन का अंसारुल्लाह आंदोलन और इराक़ का प्रतिरोध इस्राईल को आघात पहुंचा रहे हैं और ईरान भी गम्भीरता व साहस के साथ तेलअवीव के सामने डटा हुआ है।

अमेरिकी पत्रकार और विश्लेषक थॉमस फ़्रेडमेन कहते हैं कि इस तरह की लड़ाइयां अमेरिका को पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध में व्यस्त कर देंगी।

 

यह विश्लेषक भी दूसरे पश्चिमी बुद्धिजीवियों की भांति अमेरिकी सरकार को नसीहत करता है कि वह नेतनयाहू पर दबाव डाले ताकि वह ज़ायोनी बंदियों की आज़ादी के बदले युद्धविराम को स्वीकार करें और अपने सैनिकों को ग़ज़्ज़ा से बाहर निकाल लें। वह इसी प्रकार वर्तमान स्थिति की आलोचना करने वाले बहुत से आलोचकों की भांति नेतनयाहू के सत्ता से हटने और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में चुनाव कराये जाने की मांग करता है।

 

बेनी गैंट्स ज़ायोनी सरकार के युद्धमंत्रिमंडल के एक सदस्य थे उन्होंने आधिकारिक तौर पर नेतनयाहू के मंत्रिमंडल से अपने त्यागपत्र की घोषणा कर दी और मध्यावधि चुनाव कराये जाने की मांग की और यह उस स्थिति में है जब यह अतिवादी मंत्रिमंडल अधिक शक्ति हासिल करने की चेष्टा में है। mm 

कीवर्ड्सः इस्राईल का अलग थलन होना, तीसरा इंतेफ़ाज़ा, थॉमस फ़्रेडमेन, अमेरिकी पत्रकार और विश्लेषक, इस्राईल के अतिवादी, नेतनयाहू का सत्ता से हटना

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