ब्रिटेन | स्टारमर: हम ट्रंप के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे
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पार्स टुडे- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा कि लंदन, अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा लगाए जाने वाले व्यापारिक शुल्कों की धमकियों के बावजूद, ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा।
(last modified 2026-01-25T08:01:10+00:00 )
Jan २२, २०२६ १७:५९ Asia/Kolkata
  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर
    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर

पार्स टुडे- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा कि लंदन, अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा लगाए जाने वाले व्यापारिक शुल्कों की धमकियों के बावजूद, ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा।

पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ने बुधवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शुल्क संबंधी धमकियों पर अभूतपूर्व प्रतिक्रिया देते हुए ज़ोर देकर कहा: लंदन, शुल्क की धमकियों के दबाव में ग्रीनलैंड के भविष्य से जुड़े अपने सिद्धांतों और मूल्यों से पीछे नहीं हटेगा, और यही मेरा स्पष्ट रुख है।

 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने सहयोगी देशों पर दबाव डालने के लिए शुल्क लगाने की धमकी को पूरी तरह ग़लत बताया और कहा: ग्रीनलैंड द्वीप का भविष्य तय करने का अधिकार केवल वहाँ के लोगों और डेनमार्क को है।

 

ट्रंप ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि 1 फ़रवरी से ब्रिटेन, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फ़िनलैंड के ख़िलाफ़ अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लागू किए जाएँगे और जून में इन शुल्कों को 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाएगा, जब तक कि संयुक्त राज्य अमेरिका ग्रीनलैंड का नियंत्रण अपने हाथ में न ले ले।

 

ब्रिटेन के विदेश मंत्री की सहयोगियों के साथ अमेरिका के व्यवहार की आलोचना

 

इसी दौरान, ब्रिटेन के विदेश मंत्री इवेट कूपर ने अमेरिका के अपने सहयोगियों के साथ व्यवहार की आलोचना करते हुए ज़ोर दिया: केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोग ही इस द्वीप के बारे में निर्णय ले सकते हैं। कूपर ने यूरोपीय देशों के ख़िलाफ़ वाशिंगटन की शुल्क धमकियों का उल्लेख करते हुए कहा: यह सहयोगियों के साथ व्यवहार करने का तरीका नहीं है। ग्रीनलैंड का भविष्य ऐसा विषय है, जिस पर केवल इस क्षेत्र के निवासी और डेनमार्क ही निर्णय करें।

 

ब्रिटेन के विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर: इस्राइल और अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय क़ानून को पतन की कगार पर पहुँचा दिया है

 

एक अन्य ख़बर में, ब्रिटेन के एक्सेटर विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर इलान पापे ने ग़ज़्ज़ा में ज़ायनिस्ट शासन के अपराधों और दुनिया में अमेरिका की साहसिक नीतियों तथा इस शासन के समर्थन की ओर इशारा करते हुए चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय क़ानून, वाशिंगटन और तेल अवीव की ओर से, पहले से कहीं अधिक पतन के मार्ग पर है। mm